पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के लाल किला कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार आमिर अली को 10 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने यह आदेश दिया है.
आमिर के जरिए पता चलेगी पूरी साजिश
मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की तह तक जाने के लिए रिमांड की आवश्यकता है. जिसके बाद कोर्ट ने आमिर को रिमांड पर भेज दिया. अब एनआईए इसके जरिये पूरी साजिश का पता लगाएगी. धमाके के अंजाम देने में इस्तेमाल की गई आई 20 कार आमिर के नाम से ही रजिस्टर्ड थी.
आमिर और उमर नबी ने रची साजिश
एनआईए ने दिल्ली पुलिस से मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की है. एनआईए की यह पहली बड़ी कामयाबी है. आमिर राशिद जम्मू कश्मीर के पंपोर का रहने वाला है. एनआईए की जांच में पता चला कि आमिर ने हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर लाल किला में हुए धमाके की साजिश रची थी. जांच में यह भी पता चला है कि आमिर राशिद i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था.
डिजिटल उपकरण व मोबाइल फोन बरामद
जम्मू कश्मीर पुलिस के सूत्रों की माने तो उमर के घर हुई छापेमारी में डिजिटल उपकरण और एक संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद किया गया हैं. बताया जा रहा है कि इसे उमर ने अपने आखिरी कश्मीर दौरे के दौरान आमिर को सौंपा था, जिसने आगे उसे उसकी (उमर की) मां तक पहुचाया था. डॉक्टर उमर नबी फरीदाबाद की अल फलाह विश्विद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम कर रहा था.
जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली धमाके के लिए जिम्मेदार व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल बीते एक साल से आत्मघाती हमलावर की तलाश में था. इस मॉड्यूल का प्रमुख साजिशकर्ता दिल्ली धमाके में मारा गया डॉक्टर उमर नबी ही था.
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-भारत एक्सप्रेस
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