दिल्ली हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय में संवैधानिक घोटाला मामले में दायर याचिका पर यूपीएससी सहित छह अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा हैं. जस्टिस अवनीश जिंगन की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है.
अधिकारियों ने नियमों की उड़ाई धज्जियां
362 गजटेड अधिकारियों (जूनियर वक्सं मैनेजर टेक्निकल) द्वारा यह याचिका दायर की गई है. कोर्ट ने इस मामले में दस्ती आदेश पारित किया ताकि, संबंधित पक्षकारों को तुरंत याचिका की कॉपी पहुंचाई जा सकें. दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जूनियर वक्स मैनेजर (नॉन टेक्निकल) नामक एक अवैध पद सृजत कर उसे तकनीकी कैडर का दर्जा दे दिया गया, जिससे तकनीकी अधिकारियों को काफी क्षति हुई है.
UPSC को नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान रक्षा मंत्रालय की ओर से पेश वकील अभिषेक चौधरी ने कोर्ट को बताया कि आखिर कैसे इस पद को सृजित किया गया, जिससे अधिकारियों को नुकसान हुआ. जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय, रक्षा उत्पाद विभाग, रक्षा मंत्रालय के सचिव महानिदेशक, आयुध निदेशालय, निदेशालय आयुध (समन्वय एवं सेवाएं), नई दिल्ली कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव और संघ लोक सेवा आयोग को यह नोटिस जारी किया है.
मामले में कोई पक्षकार नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता द्वारा मामले से संबंधित कॉपी मांगे जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में फिलहाल कोई पक्षकार नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील अभिषेक कुमार चौधरी ने कहा कि कोर्ट के रुख से साफ है कि यह मामला सिर्फ भर्ती नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा प्रतिष्ठान के भीतर चल रहे एक संस्थागत अनियमितता से जुड़ा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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