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OBC आरक्षण के मामले में ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत, कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई अंतरिम रोक

पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण पर बड़ा फैसला आया है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की 140 उप-श्रेणियों वाली नई सूची पर हाईकोर्ट की रोक को फिलहाल टाल दिया है.

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Edited by Radha Priya

OBC Reservation Case: सुप्रीम कोर्ट से पश्चिम बंगाल में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटे में मामले में ममता सरकार को फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उप-श्रेणियां जोड़ने के फैसले को लेकर दायर पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर अंतरिम रोक लगा दिया है.

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर याचिका पर सभी पक्षों की जिरह के बाद कोर्ट ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा. सीजेआई बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच 4 अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई करेगी.

सीजेआई बीआर गवई ने सभी पक्षों की जिरह के बाद मामले में हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दिया है. सुप्रीम कोर्ट दौरान सीजेआई ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि हाई कोर्ट ऐसे कैसे रोक लगा सकता है.

राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल  सिब्बल ने कहा कि 9 लाख सीटे भरी जानी है, लिहाजा रोक लगनी चाहिए. राज्य सरकार ने यह नई सूची मई 2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा ओबीसी सूची में 77 समुदायों को शामिल करने के फैसले को रद्द करने के बाद तैयार किया था.

हालांकि राज्य सरकार की ओर से इसको लेकर पहले चुनौती दी गई, जिसपर सुप्रीम कोर्ट दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया था कि राज्य ओबीसी की पहचान के लिए नई लिस्ट तैयार करने जा रही है.

OBC की नई सूची पर रोक के खिलाफ बंगाल सरकार SC पहुंची

बता दें कि हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पिछली 113 श्रेणियों वाली लिस्ट को बदलकर 140 उप-श्रेणियों वाली लाई गई नई लिस्ट पर अंतरिम रोक लगा रखा है. जिसके खिलाफ राज्य सरकार की ओर से याचिका दायर की गई है.

10 जून को पश्चिम बंगाल विधानसभा में संशोधित ओबीसी-ए और ओबीसी-बी सूची पेश की थी. जिसमें 76 नई श्रेणियों को शामिल किया गया था, इस प्रकार कुल संख्या 140 हो गई. इसमें 80 मुस्लिम और 60 गैर-मुस्लिमों को रखा गया है.
राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दिया. जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

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-भारत सरकार



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