देश में रेजिडेंट डॉक्टरों की बढ़ती आत्महत्या का मामला एक बार फिर देश के सबसे बड़ी अदालत पहुंच गया है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक आईए याचिका दायर की गई है. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर की गई है. इससे पहले भी यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने दायर कर रखा है. उसी याचिका में एक नया आईए दाखिल की गई है.
दायर याचिका में टीडी गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर डॉक्टर सेतु लक्ष्मी के मामले को उठाया गया है. जिन्होंने 6 मार्च 2026 को अत्यधिक काम के दबाव के चलते आत्महत्या की कोशिश की थी. बताया गया है उनसे लगातार 24 से 36 घंटे की डियूटी करवाई जा रही थी और सप्ताह में 70 से 100 घंटे तक काम लिया जा रहा था, जो तय समय से कही ज्यादा है.
रिकॉर्ड में हेरफेर का गंभीर आरोप
दायर याचिका में कहा गया है कि जून 2024 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों में 150 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर आत्महत्या कर चुके है. इसकी वजह अत्यधिक काम का दबाव, नींद की.कमी और सिस्टम की लापरवाही बताई गई है. याचिका में रिकॉर्ड में हेरफेर कर काम के घंटे कम दिखाए जाने का आरोप लगाया गया है. याचिका में कहा गया है कि यह संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21, 23 और अनुच्छेद 42 का उल्लंघन है.
दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि डॉक्टरों पर 50 लाख रुपए तक का बॉन्ड दबाव डाला जाता है, जिससे वे मजबूरी में ऐसे हालात में काम करने को विवश होते है. याचिका में मांग की गई है कि डॉक्टरों के लिए तय डयूटी घंटे को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है. ताकि उनकी जिंदगी सुरक्षित रहे और मरीजों की सुरक्षा भी बनी रहे.
बता दें कि पिछले महीने देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में अंबाला की डॉक्टर तन्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में.मौत हो गई थी. लेकिन मृतका के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी बेटी की मौत के लिए पूरी तरह से विभागाध्यक्ष जिम्मेदार है.
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-भारत एक्सप्रेस
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