मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद इंरनेट मीडिया इंफ्ल्यूएन्सर और कॉस्मेटोलॉजिस्ट संदीपा विर्क को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने संदीपा विर्क को नियमित जमानत दे दिया है. कोर्ट ने कहा कि लेनदेन 2008 और 2013 के बीच के थे, जबकि ईडी ने एफआईआर दर्ज होने के लगभग 9 साल बाद 2025 में ही ईसीआईआर दर्ज किया था.
कोर्ट ने कहा कि एक महिला आरोपी के मामले में, पीएमएलए की धारा 45 के तहत जमानत के लिए कड़ी दोहरी शर्ते अनिवार्य नहीं है और जमानत पर सामान्य सिंद्धान्तों के आधार पर विचार किया जा सकता है.परिवर्तन निदेशालय ने विर्क के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल किया है. विर्क को ईडी ने 12 अगस्त को गिरफ्तार किया था. ईडी ने अमित गुप्ता और संदीपा विर्क के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत अपराध के लिए अभियोजन शिकायत दर्ज की है, जो पीएमएलए की धारा 4 के तहत दंडनीय है.
Hyboocare वेबसाइट से ठगी का आरोप
ईडी ने बताया कि आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराधों के अंतर्गत आता है और 11 अगस्त 2025 को पीएमएलए की धारा 3, 4 के तहत मामला दर्ज किया गया था, और ईडी द्वारा मामले की जांच की गई थी. जांच पूरी होने के बाद वर्तमान अभियोजन शिकायत दर्ज की गई.
ईडी ने दावा किया है कि विर्क ने हा हायबुकेयर डॉट कॉम नामक वेबसाइट के जरिए लोगों से धोखाधड़ी की. वेबसाइट पर एफडीए-अनुमोदित ब्यूटी प्रॉडक्ट्स बेचने का दावा किया गया, जबकि जांच में पाया गया कि उत्पाद अस्तित्व में ही नहीं थे. ईडी की जांच पंजाब के मोहाली के फेज-8 थाने में दर्ज एक एफआईआर से शुरू हुई थी, जिसमें आईपीसी की धारा 406 और धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज है.
ग्लैमर से बिजनेस तक का सफर
बता दें कि संदीपा विर्क मॉडलिंग की दुनिया का बड़ा नाम है. उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत पंजाबी फिल्म गन एंड गोल से की थी. संदीपा एक मलयालम फिल्म में भी काम कर चुकी है. जब फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया उसके बाद वह सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गई. साथ ही संदीपा विर्क FDA अनुमोदित सौंदर्य उत्पाद बेचने वाली वेबसाइट hyboocare. com मालकिन हैं. इंस्टाग्राम पर उसके 12 लाख फॉलोअर्स हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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