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शिवसेना पार्टी सिंबल विवाद मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, 20 अगस्त को होगी मामले में सुनवाई

2022 में शिवसेना में फूट के बाद चुनाव आयोग द्वारा एकनाथ शिंदे को पार्टी और धनुष-बाण चिन्ह देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है.

Supreme Court on Shivsena Symbol Row
Edited by Radha Priya

Shivsena Symbol Row: शिवसेना पार्टी सिंबल विवाद मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर इनकार कर दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने मेंशनिंग करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले है.

लिहाजा लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई कर ली जाए. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि जल्द सुनवाई संभव नही है. हमने पहले ही सुनवाई को टाल दिया है. 20 अगस्त के लिए इसे सूचीबद्ध किया गया है. उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

सिब्बल ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के 2023 के संविधान निर्णय पर भरोसा कर रहे हैं, जिसमें कहा गया था कि विधायी बहुमत को यह तय करने के लिए मानदंड के रूप में इस्तेमाल नही किया जा सकता कि कौन-सा गुट असली पार्टी है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने केवल विधायी बहुमत का परीक्षण के आधार पर निर्णय लिया.

2022 में शिवसेना में फूट के बाद चुनाव आयोग के फैसले को ठुकराने की मांग

बता दें कि 2022 में शिवसेना के दो फाड़ हो गया था. शिवसेना में फूट पड़ने के बाद चुनाव आयोग ने शिवसेना और धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे को दे दिया था. दायर याचिका में ठाकरे ने दलील दी कि चुनाव आयोग इस बात को समझने में विफल रहा है कि याचिकाकर्ता को पार्टी के कार्यकर्ताओं और कार्यकर्ताओं से भारी समर्थन हासिल है.

इसके अलावा याचिका में यह भी कहा है कि चुनाव आयोग के पैरा 15 के तहत विवादों के तटस्थ मध्यस्थ के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहा है और उसने अपनी संवैधानिक स्थिति को कमजोर करने का काम किया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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