जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuck) की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस और खुफिया विभाग उनके हर कदम पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने हलफनामे में कहा है कि सितंबर के अंत में उन्हें लगातार दिल्ली में निगरानी में रखा जा रहा है.
वांगचुक की पत्नी ने कहा है कि 7 अक्टूबर और 11 अक्टूबर को जब वह जोधपुर जेल अपने पति से मिलने गई तो जोधपुर एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया गया और पूरी यात्रा के दौरान पुलिस उनके साथ रही.
गीतांजलि अंगमो ने दावा किया है कि जोधपुर जेल में बंद पति से मुलाकात के दौरान एक डीसीपी और महिला कांस्टेबल हर वक्त साथ रहे. उनके कानूनी नोटिस का फोटो भी खिंची. उन्होंने हलफनामे में कहा है कि पुलिस और खुफिया विभाग द्वारा की जा रही यह निगरानी अनुच्छेद 19 और 21 के तहत नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है.
कोर्ट 29 अक्टूबर को सुनवाई करेगा. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत उनकी बंदी प्रत्यक्षीकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही हैं.
26 सितंबर से जोधपुर जेल में बंद हैं सोनम वांगचुक
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने लेह के जिला मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था कि वांगचुक राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवहार बनाए रखने और समुदाय के लिए आवश्यक सेवाओं के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे, जिसके कारण उनके राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया.
सुप्रीम कोर्ट को यह भी सूचित किया गया था कि वांगचुक को एनएसए के तहत उनकी हिरासत और राजस्थान के जोधपुर केंद्रीय कारागार में उनके स्थानांतरण के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित किया गया था. 26 सितंबर को उन्हें एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनको राजस्थान के जोधपुर जेल भेज दिया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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