Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

सोनिया गांधी नागरिकता विवाद: वोटर लिस्ट मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने जवाब के लिए दिया एक हफ्ते का समय

सोनिया गांधी के भारतीय नागरिक बनने से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल होने के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने जवाब मांगा है. जानें क्या है 1980 का वोटर आईडी विवाद

Sonia Gandhi Voter List Controversy

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने कांग्रेस संसदीय दल के अध्यक्ष सोनिया गांधी से भारतीय नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के मामले में दायर पुनर्विचार याचिका पर एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया है. वही मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग की एक रिपोर्ट कोर्ट ने पेश करने की अनुमति मांगी है. सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि कुछ सबूत अपने मुवक्किल के पक्ष में देना चाहते है. जिसके लिए कोर्ट ने समय दे दिया. कोर्ट 16 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगी.

स्पेशल जज डॉक्टर विशाल गोगने की कोर्ट रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई कर रहा है. इस मामले में याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलें पूरी कर ली है. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि आप यहां अदालत के समक्ष एफआईआर दर्ज करने के लिए अनुरोध करने आए हैं, जबकि यह मामला आधी सदी पुराना है. किसकी जांच की जाएगी? आप दायरा बढा रहे है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा था कि आज की तारीख में एकमात्र जानकारी जो आप दे रहे हैं, वह नाम जोड़ने और हटाने की परिस्थिति है.

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा था कि यह एक विदेशी नागरिक द्वारा किए गए घोषणा पत्र का मामला है. हम कोर्ट को यह दिखाने की कोशिशें कर रहे है कि यह केवल जाली दस्तवेज़ या धोखाधड़ी के जरिए से ही किया जा सकता था. हमने मतदाता सूची की एक प्रति के लिए आवेदन किया था और प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई गई थी. वही सोनिया गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आर एस चीमा ने इसका विरोध किया था. कोर्ट ने वकील से पूछा था कि आप इस मुद्दे को कैसे सही ठहराएंगे कि वह 1980 में मतदाता सूची में थी, जबकि 1983 में नागरिक बनी. यह मूलभूत मुद्दा है.

इसपर सोनिया गांधी के वकील ने कहा था कि क्या इस बात का कोई सबूत है कि आवेदन करने से पहले वह नागरिक थी? क्या कोई व्यक्ति आवेदन दाखिल करने से पहले नागरिक नहीं हो सकता? कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि आप जो मांग रहे है, वह चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ एक आवारा और मछली पकड़ने जैसी जांच है. सोनिया गांधी ने उनके खिलाफ याचिका दाखिल किए जाने का विरोध किया है. यह रिविजन पिटीशन वकील विकास त्रिपाठी ने दायर किया है.

इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 11 सितंबर को विकास त्रिपाठी की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सेंशन कोर्ट में याचिका दायर की है. दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता सूची में दर्ज करा दिया गया था.

यह याचिका विकास त्रिपाठी की ओर से दायर की गई थी. दायर याचिका में दावा किया गया था कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था. जबकि आधिकारिक तौर पर वह अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिक बनीं. याचिका में कहा गया था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है, लेकिन 1980 में सोनिया गांधी की स्थिति अलग थी. याचिका में सवाल उठाया गया था कि नई दिल्ली लोकसभा सीट पर वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम कैसे शामिल था? हालांकि बीजेपी ने पहले आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी ने नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा लिया था.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital