आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने सार्वजनिक संस्थानों के परिसरों से कुत्तों को हटाने के निर्देश को वापस लेने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें हवाई अड्डों, रिहायशी इलाकों, शहरी केंद्रों आदि में कुत्तों के काटने की घटनाओं से अवगत कराया गया है. देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे (आईजीआई) पर बार-बार कुत्तों के काटने की घटनाएं होना ही गंभीर अक्षमता को दर्शाता है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सूरत में एक जर्मन यात्री को कुत्ते ने काट लिया. ऐसी घटनाएं शहरी प्रशासन में जनता के विश्वास को बुरी तरह प्रभावित करती हैं. कोर्ट ने कहा कि रिपोर्टों से पता चलता है कि समस्या ने बेहद चिंताजनक रूप ले लिया है. अकेले राजस्थान के श्री गंगानगर शहर में एक महीने में 1084 कुत्ते के काटने की घटनाएं दर्ज की गईं. रिपोर्टों के अनुसार, छोटे बच्चों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें उनके चेहरे पर गंभीर घाव आदि शामिल हैं. तमिलनाडु में वर्ष के पहले चार महीनों में लगभग 2 लाख मामले दर्ज किए गए.
राज्यों को निर्देश और अवमानना की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि राज्य सरकार, AWBI फ्रेमवर्क नियमों को सुदृढ़ और कार्यान्वित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी. राज्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक ABC केंद्र की स्थापना सुनिश्चित करेंगे. प्रत्येक राज्य जिले की जनसंख्या घनत्व को ध्यान में रखते हुए अधिकारी ABC केंद्रों के विस्तार हेतु आवश्यक कदम उठाएंगे.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को कार्यान्वित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे कि उनका अक्षरशः और भावार्थ कार्यान्वयन हो. आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को अन्य सार्वजनिक स्थानों तक विस्तारित करने के संबंध में सोच-समझकर और तर्कसंगत निर्णय लिए जाएंगे. ऐसे निर्णय समयबद्ध तरीके से कार्यान्वित किए जाएंगे.
NHAI और अधिकारियों के लिए निर्देश
रेबीज रोधी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. NHAI राष्ट्रीय राजमार्गों आदि पर आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करेगी और आवारा पशुओं के प्रबंधन आदि के लिए पुराने परिवहन वाहनों की तैनाती करेगी. NHAI एक निगरानी और समन्वय ढांचा स्थापित करेगी. संबंधित अधिकारी मानव जीवन के खतरे को कम करने के लिए कानूनी रूप से अनुमत उपाय कर सकते हैं, जिनमें रेबीज से संक्रमित, खतरनाक कुत्तों के मामले में इच्छामृत्यु भी शामिल है.
नगर निगम, राज्य प्रशासन आदि के वे अधिकारी जिन्हें कोर्ट के निर्देशों के कार्यान्वयन का दायित्व सौंपा गया है, उनके द्वारा किए गए कार्यों में उचित संरक्षण के हकदार होंगे, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सामान्यतः कोई एफआईआर या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.
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याचिकाओं का निस्तारण
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिकाओं का निस्तारण कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट्स देखेंगे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं. 17 नवंबर को सुनवाई करेगा. यह मामला 28 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था. सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों और उनसे होने वाली मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था. 11 अगस्त 2025 को कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर से 8 हफ्ते के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया था. Supreme Court Stray Dogs, Dog Bite, India News, Supreme Court Order, Public Safety, Street Dogs, Breaking News
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