Supreme Court Order On Fuel: देश मे ईंधन की खपत को कम करने और प्रशासनिक कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सर्कुलर जारी किया है. जारी सर्कुलर में अदालत की सुनवाई और कर्मचारियों के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव किए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने यह फैसला प्रधानमंत्री के अपील के बाद जारी किया गया है.
50 फीसदी स्टाफ भी घर से काम करेगा
अब कोर्ट के हर विभाग का स्टाफ दी दिन वर्क फ्रॉम होम काम करेंगे. सभी जज कार पूल करेंगे. रजिस्ट्री से जुड़ा 50 फीसदी स्टाफ भी घर से काम करेगा. सोमवार, शुक्रवार और मिसलेनियस डे लिस्ट मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी. इसके अलावा कोर्ट के आंशिक कार्य दिवसों में भी सुनवाई ऑनलाइन ही कि जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट सचिव जनरल का सर्कुलर जारी
कोर्ट प्रशासन को कहा गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिंक समय पर भेजे जाए और तकनीकी व्यवस्था मजबूत रखी जाए ताकि किसी को परेशानी न हो. कोर्ट ने रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक समय पर भेजें और टेक्निकल सपोर्ट हर समय उपलब्ध रहे, जिससे अदालत की कार्यवाही प्रभावित न हो. सुप्रीम कोर्ट सचिव जनरल भारत पराशर ने इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है.
स्टाफ ऑफिस में फिजिकली मौजूद
साथ ही कोर्ट के जजों ने आपस मे कार-पुलिंग अरेंजमेंट को बढ़ावा देने के लिए “,एकमत से” फैसला किया है. कोर्ट ने रजिस्ट्री की हर ब्रांच या सेक्शन में 50 फीसदी तक स्टाफ को हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा दो दिन घर से काम करने की इजाजत भी दी थी. जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि बिना रुकावट काम सुनिश्चित करने के लिए काफी स्टाफ को ऑफिस में फिजिकली मौजूद रहना होगा.
रजिस्टरों को पहले से वीकली रोस्टर तैयार करने के लिए कहा गया है. घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन पर उपलब्ध रहना होगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत ऑफिस पहुचने के लिए तैयार रहना होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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