Environmental Clearance In Delhi: दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) को फेज-4 परियोजना के अंतर्गत लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक के बीच मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों की कटाई की सशर्त अनुमति देते हुए कहा कि सेंट्रल इम्पावरमेंट कमेटी (CEC) की सिफारिशों के अनुसार पेड़ों की कटाई की जा सकती है, लेकिन उसके बदले कई गुणात्मक पौधे लगाने होंगे.
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आश्वासन दिया कि CEC द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन पूरी गंभीरता से किया जाएगा. दिल्ली मेट्रो का यह कॉरिडोर एलिवेटेड होगा और निर्माण तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 13 मार्च को दिल्ली मेट्रो फेज-4 की दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी थी –
इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक 12.37 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर (ज्यादातर भूमिगत).
लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक 8.38 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर (पूरी तरह एलिवेटेड).
यह परियोजना दिल्ली की यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाएगी, लेकिन पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरण संतुलन पर भी नजर रखी जा रही है. सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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