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MEERUT: शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्किट में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में आवासीय प्लॉट पर चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने 44 प्रतिष्ठानों को सील करने के आदेश दिया हैं.

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Meerut: मेरठ के शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्किट में 44 प्रतिष्ठानों को सील करने के आदेश से संबंधित सुप्रीम कोर्ट का लिखित फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस फोर्स द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट 9 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा. 27 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के 80 भूखंड मालिकों को आदेश दिया था कि आवासीय प्लॉट पर चल रही कमर्शियल गतिविधियां तुरंत बंद की जाए.

कोर्ट ने आवास विकास विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन तय समय सीमा तक रिपोर्ट जमा नही हो सकी. इसके बाद 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद से जवाब मांगा और 24 घंटे के भीतर 44 संपत्तियों में बैंक, स्कूल और नर्सिंग होम शामिल है. कोर्ट ने बिना स्वीकृत लेआउट के आवासीय परिसरों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अनाधिकृत रूप से परिवर्तित करने से संबंधित एक अवमानना याचिका पर आदेश दिया है. कोर्ट ने पूर्व कमिश्नर ऋषिकेश भास्कर यशोद के आचरण पर भी आपत्ति जताई है.

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि उन्होंने किस अधिकार के तहत मेरठ के सेंट्रल मार्किट क्षेत्र में कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल ध्वस्त न करने का आदेश जारी करके अनधिकृत निर्माण के खिलाफ पहले के न्यायिक निर्देशों की अवहेलना की है. सुप्रीम कोर्ट ने लिखित आदेश अपलोड होते ही पूरे मेरठ शहर में पुलिस और वहां के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है. वहां में व्यापारी पुलिस से आरपार की लड़ाई करने को तैयार है. भारी विरोध हो रहा है.

अनधिकृत निर्माण के मामले में मेरठ प्रशासन पर सवाल

वही दूसरी ओर आवास एवं विकास परिषद की ओर से सेंट्रल मार्किट के 860 भूखंड में से44 ऐसे भवनों की सूची दी गई, जो पूर्णतः व्यावसायिक हैं. इनमें छह स्कूल, छह अस्पताल और चार बैंक्वेट हॉल सहित शोरूम, दुकानें चल रही हैं. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की जान जोखिम में है. कोई हादसा होता है तो बच्चों की जान भी जा सकती है.

दरअसल 27 अक्टूबर 2025 को मेरठ आयुक्त ने आदेश पारित किया था कि सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में दूकानों को और ध्वस्त ना किया जाए, क्योंकि मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से इन दुकानों को बाजार गली का दर्जा दिया जाएगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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