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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: भारतीय खेल संघों को बताया ‘बीमार संगठन’

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के खेल संघों को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ये बीमार संगठन हैं. कोर्ट ने खेल संघों में पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता जताई और सख्त कदम उठाने की बात की.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation
Aarika Singh Edited by Aarika Singh

भारत में खेल संघों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में खेल संघ बीमार संगठन है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने महाराष्ट्र रेसलिंग एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन खेल संघों में खेल जैसा कुछ नहीं है. सभी बीमार संगठन है, हमें नहीं पता वे किस चीज के लिए संघर्ष कर रहे है.

कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब विभिन्न खेल संगठनों और प्रबंधन से जुड़े कई मामले हइकोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. कोर्ट राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ियों प्रियंका और पूजा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है. कोर्ट ने पिछली सुनवाई में लोकतांत्रिक मूल्यों को बहाल करने पर जोर दिया था. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई जांच और एशियाई कबड्डी महासंघ के तथाकथित अध्यक्ष की ओर से भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ के प्रशासक को लिखे गए पत्र पर पर निर्देश लेने को कहा था.

स्वतंत्रता के लिए उठाने होंगे सख्त कदम

कोर्ट ने यह भी कहा था कि मौखिक दलीलों ओर एशियाई कबड्डी महासंघ के तथाकथित अध्यक्ष द्वारा इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा को ध्यान में रखते हुए हमें लगता है कि चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता, स्वायत्तता और स्वतंत्रता लाने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने की जरूरत है. कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि भारतीय कबड्डी खिलाड़ियों और अन्य खेलों के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से न रोका जाए.

इसमें ईरान में होने वाली एशियाई कबड्डी चैंपियनशिप भी शामिल है. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा था कि वह खेल संघों, विशेष रूप से कबड्डी महासंघ की पहचान और मान्यता से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीतिक उपायों का पता लगाए.

-भारत एक्सप्रेस



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