BPSC अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार
BPSC Chairman Parmar Ravi Manubhai: सुप्रीम कोर्ट से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) अध्यक्ष मनु भाई परमार को बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने बीपीएससी के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस पी एस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का आदेश दिया, लेकिन फिर याचिकाकर्ता की मांग पर जुर्माने के.आदेश को वापस ले लिया.
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हिदायत देते हुए कहा कि इस संस्थान की गरिमा की जिम्मेदारी हम सब पर है. ऐसे में ऐसे छेड़छाड़ करने की कोशिष न करें. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वकील ने कहा कि चुनौती देने के दो आधार हैं. पहला अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जो लंबित है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि एफआईआर का क्या हुआ? उसे बंद कर दिया गया था. याचिकाकर्ता के वकील ने हां में जवाब दिया.
कोर्ट ने पूछा- क्या मामला बंद हो गया?
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने वंशजा शुक्ला को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था. अधिवक्ता बृजेश सिंह की ओर से दायर याचिका में आपराधिक इतिहास के बावजूद मनु भाई परमार को बीपीएससी का चेयरमैन की नियुक्त करने का आरोप लगाया था. याचिका में कहा गया था कि बीपीएससी अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति से पहले परमार को विजिलेंस ने भ्र्ष्टाचार के मामले में आरोपी बनाया गया था. महादलित विकास मिशन के तहत ट्रेनिंग और सुविधाएं देने के नाम पर हुए स्कैम में विजिलेंस विभाग ने केस दर्ज किया था.
महादलितों के विकास के लिए सरकार ने 2007 में मिशन का गठन किया था पर इसने 2010 से काम शुरू किया. मिशन ने श्रीराम न्यू हॉरिजन और आईआईआईएम को टेंडर किया था. मनु भाई परमार 1992 बैच के अफसर अधिकारी है. बीपीएससी में अध्यक्ष का पद संभालने के लिए उन्होंने बीआरएस लिया था.
बता दें कि आईएएस अधिकारी रवि भाई परमार भूतत्व विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे. रवि भाई मनु कला संस्कृति, एससी-एसटी कल्याण समेत कई महत्वपूर्ण विभाग में सचिव, प्रधान सचिव और अपर सचिव भी रहे है.
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-भारत एक्सप्रेस
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