Bhopal Dentist Abhijeet Pandey Bail: सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर अभिजीत पांडे को नियमित जमानत दे दी है. वे अपनी पत्नी डॉक्टर रिचा पांडे की मौत के मामले में जेल में बंद थे. यह फैसला जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि शुरुआती बयानों में दहेज या पैसे की मांग का कोई जिक्र नहीं था. ये आरोप बाद में जोड़े गए. अब मामला निचली अदालत में चलेगा. वहां तय होगा कि रिचा की मौत हत्या थी या आत्महत्या. साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि अगर आत्महत्या हुई तो क्या अभिजीत इसके जिम्मेदार हैं.
मामले की पृष्ठभूमि
पिछले साल 2025 में भोपाल में डॉक्टर रिचा पांडे की मौत हुई थी. अभिजीत पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगा था. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया. शुरुआत में इसे आत्महत्या माना गया. लेकिन रिचा के भाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई. आरोप था कि अभिजीत का क्लिनिक में काम करने वाली एक महिला से संबंध था. इससे रिचा को मानसिक तनाव हुआ और उन्होंने जान दे दी. अभिजीत भोपाल में एक निजी क्लिनिक चलाते हैं. रिचा से उनकी मुलाकात क्लिनिक में ही हुई थी. दोनों ने डेढ़ साल के रिश्ते के बाद 4 दिसंबर 2024 को शादी की थी.
कोर्ट की टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया. हाई कोर्ट ने अभिजीत की जमानत याचिका खारिज की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में शुरू में आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था. रिचा की मौत एनेस्थीसिया से हुई थी. मध्य प्रदेश सरकार के वकील ने दावा किया कि यह हत्या थी. इंजेक्शन देकर इसे अंजाम दिया गया. पोस्टमार्टम में शरीर पर पांच चोटों के निशान मिले. रिचा के माता-पिता, भाई और चाचा के बयानों में कहा गया कि अभिजीत पैसे मांगता था. इससे यह दहेज हत्या का मामला बनता है.
आगे की सुनवाई
अब निचली अदालत में ट्रायल चलेगा. वहां सबूतों के आधार पर फैसला होगा. अभिजीत को जमानत मिलने से मामला फिर से चर्चा में आ गया है. यह केस दहेज और घरेलू हिंसा के मुद्दों को उठाता है. समाज में ऐसे मामलों पर ध्यान देने की जरूरत है.
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