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सुप्रीम कोर्ट CJI बी आर गवई पर वकील राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने के मामले में दिसंबर में करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट सीजेआई बी आर गवई पर एक वकील राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने से संबंधित मामले में दिसंबर में सुनवाई करेगा. पीठ ने याचिककर्ताओ से कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव दीजिए, हम इसको लेकर दिशा निर्देश जारी करेंगे.

Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट सीजेआई बी आर गवई पर एक वकील राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने से संबंधित मामले में दिसंबर में सुनवाई करेगा. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिककर्ताओ से कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव दीजिए, हम इसको लेकर दिशा निर्देश जारी करेंगे. एससीबीए की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राहुल कौशिक ने कहा कि अभी तक नोटिस जारी नहीं हुआ हैं.

वीडियो को हटाने व ब्लॉक करने की मांग

इसपर कोर्ट ने कहा कि कोर्ट परिसर, बार रूम आदि में ऐसी घटनाएं न हों इसके बाद सुझाव दें. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई के अटॉर्नी जनरल से इसपर राय लेंगे. दूसरी ओर दिल्ली हाई कोर्ट ने इस घटना की निंदा की है. मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और तुषार राव गेडेला की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे हमें भी ठेस पहुंची है. ऐसी घटनाओं की न केवल निंदा की जानी चाहिए, बल्कि कुछ उपाय भी किए जाने चाहिए. कोर्ट ने यह टिप्पणी इस घटना से संबंधित वीडियो को हटाने व ब्लॉक करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की है.

मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा दायर अवमानना का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए याचिकाकर्ता इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर सकता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि वह इस मामले को हाई कोर्ट में लंबित रखेगा और यदि याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने में विफल रहते हैं, तो हाई कोर्ट इस मामले में 4 दिसंबर को सुनवाई करेगा.

कार्यवाही शुरू करने की मिली सहमति

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विकास सिंह और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की अटॉर्नी जनरल ने सहमति दे दी है. विकास सिंह ने कहा था कि सोशल मीडिया पर यह लगातार चल रहा है कि वह आगे कहा रहे हैं कि मुझे कोई पक्षतावा नहीं हैं. वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि कुछ लोग इसका महिमामंडन कर रहे हैं कि ऐसा करने में बहुत देर हो चुकी है. इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि सीजेआई गवई ने उदारता दिखाई है. इससे पता चलता है कि संस्था इस तरह की घटनाओं से प्रभावित नहीं होती.

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-भारत एक्सप्रेस



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