आम्रपाली समूह के मामले में सुनवाई के लिए नए बेंच की गठन कि मांग पर सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. याचिककर्ताओ की ओर से पेश वकील एम एल लाहोटी ने सीजेआई के समक्ष मेंशन कर कहा कि सुनवाई से जस्टिस संजय कुमार ने खुद को अलग कर लिया है. लिहाजा नई बेंच का गठन किया. जिसकी सीजेआई ने सहमति दे दी है.
अनिश्चित काल तक नहीं चल सकती सुनवाई
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था, रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली मामले की सुनवाई अनिश्चित काल तक नहीं चल सकती है. अदालत 2017 से लंबित कार्यवाही पूरी करने की उम्मीद करती है और इसकी वजह अब तक हुआ पर्याप्त अनुपालन है.
एनबीसीसी की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया था कि रुकी हुई परियोजनाओं में से 25 हजार फ्लैट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. अदालत समय-समय पर समूह की विभिन्न परियोजनाओं में 45 हजार से ज्यादा फ्लैट खरीदारों की परेशानियां दूर करने के लिए कई निर्देश पारित करती रहती है.
पैसे हड़पने के आरोप में अधिकारियों पर कार्यवाही
इससे पहले सुनवाई में निवेशकों की ओर से पेश वकील एम एल लाहोटी ने कहा था कि 2019 में कोर्ट द्वारा फ्लैट खरीदारों के 3000 से 4000 करोड़ रुपए हड़पने के आरोप में आम्रपाली समूह के सीएमडी अनिल शर्मा और अन्य अधिकारियों के खिलाफ स्वतः संज्ञान कार्यवाही शुरू की गई और पैसे लौटने के निर्देश का पालन नहीं किया गया.
अदालत के निर्देशों का अनुपालन
स्टेट्स रिपोर्ट में पैसे वापसी के आदेश पर कुछ भी नहीं है. इसपर वैंकटरमणी ने कहा था 2019 का आदेश फ्लैट खरीदारों को राहत देने के लिए रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने पर केंद्रित था, जिसका काफी पालन किया गया. उन्होंने कहा था कि आप यहां-वहां कुछ खामियां निकाल सकते हैं, लेकिन रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अदालत के बड़े निर्देशों का अनुपालन किया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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