Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

दिल्ली हाई कोर्ट में ईडी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन को मिली अंतरिम जमानत को रद्द करने की उठाई मांग

दिल्ली हाई कोर्ट ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत के खिलाफ ईडी की याचिका पर नोटिस जारी किया है. सिद्दीकी पर 415 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.

Al-Falah University Chairman Delhi High Court ED
Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली हाई कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी व अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ दायर ईडी की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने जवाद अहमद सिद्दीकी को नोटिस जारी किया है. कोर्ट 19 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

जमानत अर्जी सिर्फ एक बहाना

मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी की खराब सेहत का हवाला देकर जमानत अर्जी सिर्फ एक बहाना था. साकेत कोर्ट ने जावेद अहमद सिद्धकी की पत्नी की मेडिकल कंडीशन के आधार पर 2 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी गई थी.

ईडी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच कर दिया है. यह विश्वविद्यालय 10 नवंबर को लाल किला कार ब्लास्ट के बाद एजेंसियों के राडार पर आया था. दाखिल चार्जशीट में अल फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्धिकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को आरोपी बनाया गया है.

सब कुछ जब्त

अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. ईडी का आरोप है कि अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना वैध मान्यता और मानक पूरे किए छात्रों को दाखिला देकर उनसे फीस वसूली.

वहीं, अपराध से प्राप्त धन का एक हिस्सा फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित इस विश्वविद्यालय की इमारतें, स्कूलों, विभागों से संबंधित इमारतें और हॉस्टल को जब्त कर लिया गया है. सिद्धिकी पर करीब 415 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है.

फर्जी NAAC और UGC मान्यता

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि छात्रों को आकर्षित करने के लिए फर्जी एनएएसी और यूजीसी मान्यता के दावा किया गया है. ईडी ने यूनिवर्सिटी द्वारा वसूले गए 415 करोड़ रुपए की फीस को अपराध से अर्जित धन बताया है.

ईडी ने यह भी कहा था कि आरोपी सिद्धिकी पूरे वित्तीय संचालन को नियंत्रित करता था. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने दर्ज सभी एफआईआर को झूठा और मनगढ़ंत बताया था. माना जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल फर्जी लेनदेन और हवाला कारोबार में किया गया.

8 लाख रुपये से अधिक नकद जब्त

अल फलाह ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों का भी पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है. उसकी 9 शेल कंपनियां एक ही पते पर पाई गई, लेकिन उनमें कोई काम नहीं हो रहा था. सिद्धिकी को यूनिवर्सिटी परिसर में मिले साक्ष्यों की जांच और विश्लेषण के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया गया हैं. अल फलाह यूनिवर्सिटी के परिसरों और अल फलाह समूह के प्रमुख व्यक्तियों के आवासीय परिसरों सहित 19 स्थानों पर तलाशी ली थी.

ईडी के मुताबिक साक्ष्यों से पता चलता है कि ट्रस्ट ने करोड़ों रुपए पारिवारिक स्वामित्व वाली संस्थाओं में स्थानांतरित किए हैं. ईडी तलाशी के दौरान 48 लाख रुपये से अधिक नकद, कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेजों को जब्त किया है.

ये भी पढ़ें: तेलंगाना फोन टैपिंग मामले में तेलंगाना के पूर्व विशेष खुफिया ब्यूरो प्रमुख टी. प्रभाकर राव को मिली अग्रिम जमानत

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital