सुप्रीम कोर्ट से साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को झटका लगा है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाने से इनकार करते हुए, हाई कोर्ट जाने को कहा है.
विकास यादव की ओर से पेश वकील ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान विकास यादव की ओर से पेश वकील ने कहा कि विकास की अंतरिम जमानत की अवधि मंगलवार को खत्म हो रही है, लिहाजा अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ा दिया जाए, लेकिन कोर्ट ने दलील को खारिज कर दिया. विकास यादव ने अंतरिम जमानत के दौरान 5 सितंबर को शादी कर ली है.
पिछले दिनों कोर्ट ने विकास यादव को दी थी अंतरिम जमानत
पिछले दिनों कोर्ट ने विकास यादव को बीमार माँ की देखभाल करने के लिए कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दिया था. साथ ही कोर्ट ने नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा और अजय कटारा को उत्तराखंड सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था.
कोर्ट ने अपने आदेश में कही ये बात
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर नीलम कटारा और अजय कटारा दिल्ली आते है तो, दिल्ली पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएगी. कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया था कि एम्स में भर्ती रहने के दौरान विकास यादव अपनी मां से नही मिल सकते हैं. घर आने के बाद ही वो मिल सकते हैं.
17 फरवरी को की गई थी नीतीश कटारा की हत्या
17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नही दी जा सकती.
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-भारत एक्सप्रेस
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