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नए लॉ कॉलेजों पर तीन साल की रोक लगाने के बीसीआई के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई को जारी किया नोटिस, मांगा जवाब।

सुप्रीम कोर्ट ने नए लॉ कॉलेजों पर तीन साल की रोक लगाने को लेकर जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

Supreme Court
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने नए लॉ कॉलेजों पर तीन साल की रोक लगाने को लेकर जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से चार सप्ताह में जवाब. मांगा है. यह याचिका अधिवक्ता जतिन शर्मा की ओर से दायर की गई है.

अनुच्छेद 14, 19 (1) (जी) का उल्लंघन

याचिका में कहा गया है कि जारी अधिसूचना मनमाना और अनुच्छेद 14, 19 (1) (जी) का उल्लंघन है. बीसीआई ने देश में विधि शिक्षा अधिस्थगन (तीन वर्षीय अधिस्थगन) नियम, 2025 को मंजूरी दे दी है, जो प्रकाशित होने के बाद अगले तीन वर्षो तक प्रभावी रहेगा. बीसीआई की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि विधि शिक्षा अधिस्थगन को मंजूरी देने और इसे लागू रहने तक देश में कही भी कोई नया लॉ कॉलेज स्थापित या स्वीकृत नहीं किया जाएगा.

इसके अलावा कोई भी मौजूदा विधि शिक्षा केन्द्र बीसीआई की पूर्व लिखित स्वीकृति के बगैर अनुभाग पाठ्यक्रम या बैच नहीं शुरू कर सकते है. बीसीआई ने कानूनी शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्ता में आ रही गिरावट को रोकने के लिए यह कदम उठाया है.

कानून के अनुसार जनक रहेगा निपटारा जारी

बीसीआई ने कहा है कि अनुमोदन के अंतिम चरण में पहुच चुके लंबित आवेदनों पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा और कानून के अनुसार जनक निपटारा जारी रहेगा. बीसीआई ने यह भी कहा है कि लगभग 2000 कॉलेज पहले से ही संचालित है. इसलिए बीसीआई का मानना है कि विस्तार के बजाए गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए.

बीसीआई हर साल इस नीति की करेगी समीक्षा

बीसीआई हर साल इस नीति की समीक्षा करेगी और परिस्थितियों के अनुसार इसे बढ़ा सकती है. संशोधन कर सकती है या निरस्त कर.सकती है. परिषद ने सभी हितधारकों से.मात्रा की बजाए गुणवत्ता को प्राथमिकता देने और विधि शिक्षा में उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया है.

बीसीआई ने कहा कि एलएलएम और पीएचडी की डिग्री बीसीआई के नियंत्रण के तहत नहीं है और एलएलबी डिग्री की सिर्फ मंजूरी या मान्यता ही इसके दायरे में है.  इसने कहा कि विश्वविद्यालयों को नए कॉलेजों को मान्यता देने को रोकने का अनुरोध किया गया था लेकिन फिर भी 300 एनजीओ जारी कर दिए गए.

ये भी पढ़ें:5 वर्षीय विधि पाठ्यक्रमों की समीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र, UGC, BCI को नोटिस जारी

-भारत एक्सप्रेस



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