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CBI को इतनी दिलचस्पी क्यों? राहुल गांधी मामले में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, हाई कोर्ट की कार्रवाई पर स्टे

Supreme Court: आय से अधिक संपत्ति मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिकाकर्ता, CBI और ED को नोटिस जारी किया है और इलाहाबाद हाई कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर रोक लगा दी है.

Disproportionate Assets Case
Edited by Shubhra Rai

Supreme Court: आय से अधिक संपत्ति के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता, सीबीआई, ईडी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई को टालने का आदेश दिया है. 20 अगस्त को हाई कोर्ट में सुनवाई होने वाली थी.

सिब्बल ने याचिकाकर्ता के लोकश पर सवाल उठाए

मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ता के लोकश पर सवाल उठाए है. अदालत ने सीबीआई और ईडी को हाई कोर्ट को रिपोर्ट न सौपनें के निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी राजू से कहा कि एजेंसी को आखिर इतनी रुचि क्यों है. हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई और ईडी को एक बीजेपी कार्यकर्ता के आरोपों की जांच करने का निदेश दिया था.

ईडी जांच के लिए स्वतंत्र है

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ईडी जांच के लिए स्वतंत्र है. अदालत ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान अगर किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो एजेंसी को कानून के मुताबिक एक्शन ले सकता है. इस दौरान कोर्ट ने सीबीआई के हलफनामे को अस्पष्ट बताया था. सीबीआई और ईडी के अलावा केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (एसएफआईओ) के निदेशक को भी निर्देश दिया था कि वह गांधी के खिलाफ याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर 8 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था.

बंद कमरे में करीब दो घंटे तक सुनवाई

बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर का आरोप था कि राहुल गांधी के पास उनकी आय से अधिक संपत्ति है. हाई कोर्ट ने 12 मई 2026 के आदेश में कहा था कि यह उम्मीद की जाती है कि यदि याचिकाकर्ता की शिकायत सीबीआई और ईडी द्वारा प्राप्त हो गई है, तो शिकायत में लगाए गए आरोपों का कानून के अनुसार सत्यापन किया जाएगा. कहा था कि सीबीआई या ईडी कानून के तहत अनुमत उचित कदम उठा सकते है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 12 मई को इस मामले में बंद कमरे में करीब दो घंटे तक सुनवाई की थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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