Ram Rahim Supreme Court
Ramchandra Chhatrapati Murder Case: राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बाबा राम रहीम और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने बाबा राम रहीम को बरी कर दिया था. जिसके खिलाफ पीड़िता के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
16 नवंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट 16 नवंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई करेगा. कोर्ट ने सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में यह नोटिस जारी किया है. मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार किए जाने की जरूरत है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अदालत इस तथ्य से पूरी तरह अवगत है कि राज्य सरकार हाई कोर्ट के बरी करने के आदेश के खिलाफ चुनौती नहीं दे सकती है.
मामले में फंसाने वाला बयान दिलवाया
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में राम रहीम को बरी करते हुए सीबीआई की जांच और एक गवाह के बयान पर गंभीर सवाल उठाए थे. हाई कोर्ट ने माना था कि सीबीआई ने एक गवाह पर दबाव डालकर राम रहीम को मामले में फंसाने वाला बयान दिलवाया था. सुप्रीम कोर्ट यह जांच करेगा कि हाई कोर्ट का फैसला कानून और रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के अनुरूप था या नहीं. रामचंद्र छत्रपति की हत्या वर्ष 2002 में हुई थी. उन्होंने डेरा सच्चा सौदा से जुड़े कथित यौन शोषण के मामलों और अन्य गतिविधियों पर रिपोर्टिंग की थी.
2019 में राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई
इस मामले में निचली अदालत ने वर्ष 2019 में राम रहीम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अब हाई कोर्ट से मिली बरी की राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा प्रमुख द्वारा डेरे में साध्वियों के यौन शोषण से जुड़ी चिठ्ठी को प्रकाशित किया था. बाद में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौप दी गई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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