Supreme Court On BLO Security: देशभर के विभिन्न राज्यों में हो रहे एसआईआर के मामले में लगातार दाखिल हो रही याचिकाओ पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है. मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे ही याचिका दाखिल होती रहेगी तो, याचिकाओं पर सुनवाई कब होगी. कोर्ट ने कहा कि लगातार याचिका दायर करने से मुख्य मामले की सुनवाई प्रभावित होगी. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ सुनवाई कर रही है.
एसआईआर कार्यों में लगे बीएलओ की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं में बीएलओ की सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देश पूरे देश में लागू होगा. कोर्ट ने बीएलओ की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. सीजेआई ने कहा कि जमीनी स्तर पर बीएलओ को मिल रही धमकियां गंभीर मुद्दा बन सकती है, कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा को नजरअंदाज नही किया जा सकता है.
किसके जिम्मे BLO की सुरक्षा
मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील ने कहा कि बीएलओ की सुरक्षा राज्य पुलिस के सहयोग पर निर्भर है, लेकिन जरूरत पड़ी तो केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती किया जा सकता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रभावित कर्मचारी राज्य चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी से सुरक्षा को लेकर संपर्क कर सकते है.
- पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया में शामिल ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की नियुक्ति की मांग की गई है.
- उत्तर प्रदेश, असम सहित अन्य राज्यों में हो रहे एसआईआर को लेकर दायर नई याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
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आयोग ने किया सुरक्षा देने का समर्थन
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि बीएलओ को धमकी के मामले में सिर्फ एक एफआईआर दर्ज है, बाकी हिंसा की जो बात याचिका में उठाई गई है, वो पुरानी घटनाओं से संबंधित है. आम तौर पर चुनाव से पहले पुलिस प्रशासन चुनाव आयोग के नियंत्रण में नहीं दिए जाते. साथ ही चुनाव आयोग ने बीएलओ को सुरक्षा दिए जाने का समर्थन किया है.
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