सुप्रीम कोर्ट ने 3500 करोड़ रुपए के आंध्र प्रदेश शराब घोटाला मामले (Andhra Pradesh liquor scam case) में कथित आरोपी व भारती सीमेंट्स के निदेशक बालाजी गोविंदप्पा को अगली सुनवाई से पहले सरेंडर करने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने गोविंदप्पा को मिली डिफॉल्ट जमानत को रद्द कर दिया है. यह घोटाला वाईएसआर कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था.
न्याय के साथ अन्याय
मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने बालाजी गोविंदप्पा, पिल्लकुरु कृष्ण मोहन रेड्डी और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी धनंजय रेड्डी की ओर से दायर अपील पर कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तो का पालन करना होगा. कोर्ट ने संकेत दिया है कि नियमित जमानत के दौरान धारा 142 का इस्तेमाल कर सकता है.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि धारा 482 सीआरपीएफ एक ब्रह्मास्त्र की तरह है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब अदालत महसूस करती है कि न्याय के साथ अन्याय हुआ है. लेकिन आज न्याय की बात करते हुए हमें पीड़ितों के अधिकारों को भी बराबर महत्व देना होगा. मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में गवाहों की संख्या बहुत ज्यादा है और ट्रायल जल्द खत्म होने की उम्मीद नहीं है.
डिफॉल्ट जमानत से जुड़े अर्जी निरर्थक
मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मामले में 400 गवाह हैं, जो अंततः 200 भी हो सकते है. मान लिजिए 100 गवाह हैं, तो ट्रायल में कितना समय लगेगा? कई बार डिफॉल्ट जमानत से जुड़े अर्जी निरर्थक हो जाते हैं, यदि नियमित जमानत पर विचार करते हुए कोर्ट पाती है कि बिना निष्पक्ष ट्रायल प्रभावित किए आरोपी को स्वतंत्रता दी जा सकती है.
आरोपियों को हिरासत में रखने से क्या लाभ?: सीजेआई
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने एक समय चार्जशीट खारिज कर दी थी, जो समस्या बनी. अब चार्जशीट बहाल हो गई है और ट्रायल तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आरोपियों को हिरासत में रखने से क्या लाभ होगा? यदि गवाहों पर प्रभाव डालने का जोखिम हो तो अदालत शर्ते लगा सकती है.
इस मामले में मुख्य आरोपी के. राजा शेखर रेड्डी के.अलावे वासुदेव रेड्डी, सत्य प्रसाद, राजमपेट सांसद पीवी मिधुन रेड्डी, पूर्व वाईएसआरसीपी सांसद वी. विजयसाई रेड्डी, एस. श्रीधर रेड्डी, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी धनुजंय रेड्डी, कृष्ण मोहन रेड्डी और गोविंदप्पा शामिल हैं. ईडी ने इस मामले में 33 लोगों को आरोपी बनाया है.
-भारत एक्सप्रेस
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