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पीएम मोदी पर टिप्पणी मामले में पवन खेड़ा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने टाली सुनवाई

PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की एफआईआर रद्द करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली. कोर्ट ने वकील सिंघवी को संयम रखने की सलाह दी.

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Edited by Vaibhav Gupta

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साल 2023 में की गई कथित विवादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की FIR रद्द करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से समय मांगे जाने पर शीर्ष अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.

‘वकील के तौर पर निष्पक्ष रहें’: सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्य सरकार की स्थगन की मांग का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि यह मामला शुरुआत से ही बेहद संवेदनशील और अर्जेंट रहा है, इसलिए इस पर शुक्रवार को ही सुनवाई की जानी चाहिए.

सिंघवी द्वारा बार-बार तुरंत सुनवाई की मांग करने पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा, ‘सबसे पहले मामलों से भावनात्मक रूप से अलग रहना सीखिए. एक वकील के तौर पर आपको हमेशा निष्पक्ष रहना चाहिए, केस से व्यक्तिगत रूप से न जुड़ें.’ इस टिप्पणी पर वरिष्ठ वकील सिंघवी ने तुरंत अदालत से सहमति जताते हुए कहा, ‘मैं पूरी तरह सहमत हूं, माई लॉर्ड.’

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती

दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और निचली अदालत के समन आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकीलों ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि हाईकोर्ट पहले ही विस्तृत सुनवाई के बाद उनकी अर्जी खारिज कर चुका है.

क्या था पूरा विवाद?

यह पूरा मामला 17 फरवरी 2023 का है, जब मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के नाम को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद भारी राजनीतिक बवाल हुआ और वाराणसी व लखनऊ में उनके खिलाफ आपराधिक प्राथमिकियां दर्ज की गईं.

इसके अलावा असम के दीमा हसाओ जिले में भी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद 23 फरवरी 2023 को असम पुलिस ने उन्हें दिल्ली से रायपुर जाते समय फ्लाइट से उतारकर गिरफ्तार किया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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