Bharat Express DD Free Dish

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा-OBC 27% आरक्षण पर 6 साल से क्यों सो रही थी सरकार?

Madhya Pradesh News: दायर याचिका में कहा गया है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा एमबीबीएस छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए दिए गए स्टे का हवाला देकर राज्य सरकार ओबीसी के बढ़े हुए कोटा का फायदा देने से इनकार कर रही है.

Court

Madhya Pradesh News: सुप्रीम कोर्ट में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने के मामले में मध्य प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लिया है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि 6 साल से सरकार क्या सो रही थी. जस्टिस पी. एस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंद्रशेखर की पीठ 23 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगी. कोर्ट दायर 90 याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है.

पिछली सुनवाई में मध्य प्रदेश सरकार ने आरक्षण का समर्थन किया था. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील वरुण ठाकुर ने कोर्ट को बताया था कि जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में बढ़े हुए आरक्षण को लागू किया गया है. ठीक उसी तरह का मामला मध्य प्रदेश का भी है. उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की नई नियुक्ति न हो पाने की वजह से सरकारी कार्यों में बाधा आ रही है.

ओबीसी के बढ़े हुए कोटा का फायदा देने से इनकार

दायर याचिका में कहा गया है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा एमबीबीएस छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए दिए गए स्टे का हवाला देकर राज्य सरकार ओबीसी के बढ़े हुए कोटा का फायदा देने से इनकार कर रही है. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील वरुण ठाकुर के माध्यम से दायर की गई है. याचिका में मांग की गई है कि मध्य प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित और राष्ट्रपति की अनुमति के बाद अधिसूचित कानून को लागू करने की मांग की गई है.

ओबीसी कोटा के तहत पिछड़े वर्गों के लिए 27 फीसदी आरक्षण देना है. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ( अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 की धारा 4 (2) के तहत सरकारी नौकरियों में ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान हैं. याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक फैसले को आधार बनाकर 27 फीसदी आरक्षण को लागू करने से इनकार कर दिया है.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों को सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहाई का दिया आदेश

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read