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POCSO कानून के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, केंद्र सरकार से कहा- ‘रोमियो-जूलियट’ प्रावधान जोड़ने पर करें विचार

पॉक्सो एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कानून में ‘रोमियो-जूलियट क्लॉज’ जोड़ने पर विचार करने को कहा है.

Supreme Court issued notices to Centre and states

पॉक्सो एक्ट का हो रहे दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर किया है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए केंद्र सरकार से पॉक्सो एक्ट में रोमियो जूलियट क्लॉज को जोड़ने पर विचार करने का आदेश दिया है. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह आदेश दिया है.

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस फैसले की एक प्रति कानून सचिव को भेजी जाए, ताकि कानून में संभावित सुधारों पर विचार किया जा सके. साथ ही एक ऐसा सिस्टम बनाया जाए जिससे उन लोगों पर केस हो जो इन कानूनों का गलत इस्तेमाल करके बदल लेना चाहते हैं. कोर्ट की नजर में पॉक्सो एक्ट का लगातार दुरुपयोग हो रहा है. इसलिए इसे बचाए के लिए रोमियो जूलियट क्लॉज लाने पर विचार करना चाहिए. ताकि उन किशोरों को बचाया जा सके, जो ना समझी में आपसी सहमति से रिश्ते बनाते है. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को गलत माना, लेकिन आरोपी को दी गई जमानत को बरकरार रखा.

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

कोर्ट ने कहा था कि सीआरपीसी की धारा 439 के तहत जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट मिनी ट्रायल नहीं कर सकता. कोर्ट ने कहा पीड़ित की उम्र तयकरना ट्रायल का काम है. न कि जमानत कोर्ट का. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि अगर उम्र को लेकर विवाद है, तो जमानत कोर्ट केवल पेश किए गए दस्तावेज देख सकता है, लेकिन उनकी सत्यता की जांच नहीं कर सकता. रोमियो जूलियट क्लॉज लाने का मुख्य मकसद यह है कि अगर दो नाबालिग लड़का-लड़की आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं तो उन्हें बाल संरक्षण कानूनों के तहत अपराधी न माना जाए. 18 साल से कम उम्र के लड़का-लड़की के बीच आपसी सहमति से बनाए गए संबंध पॉक्सो एक्ट के दायरे में आता है.

इस कानून के तहत 15 साल से कम उम्र के.लड़के या लड़कीं दोनों की सुरक्षा दी गई है. इस तरह के मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में होती है और दोषी के लिए उम्रकैद तक कि सजा का प्रावधान है. यह कानून सबसे पहले अमेरिका में लाया गया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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