सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि वह क्या कह रहे हैं. विजय शाह ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है. कोर्ट 16 मई को इस मामले में सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान शाह की ओर से पेश वकील ने कहा कि मेरे बयान को गलत समझा गया. हमने इसके लिए माफी भी मांग ली है.
संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सोच-समझकर बोलना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप मंत्री है, संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को सोच समझ कर बोलना चाहिए. याचिकककर्ता के वकील ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने आदेश देने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना. मंत्री विजय शाह के बयान के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. जिसके बाद इंदौर पुलिस ने मंत्री के खिलाफ मानपुर थाने में बीएनएस की धारा 152, 196 (1) (ख), 197 (1) (ग) के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है.
विजय शाह ने माफी मांगते हुए पोस्ट किया वीडिया
हालांकि विजय शाह ने माफी मांगते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया है. शाह ने लिखा है कि मैं विजय शाह हाल ही में मेरे दिए गए बयान से, जो हर समाज की भावनाएं आहत हुई है, उसके लिए मैं दिल से न केवल शर्मिंदा हूं. दुःखी हूं, बल्कि माफी चाहता हूं. हमारे देश की बहन सोफिया कुरैशी ने राष्ट्र धर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर काम किया है.
कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना के सिग्नल कोर की अधिकारी हैं और उन 11 महिला अधिकारियों में से एक हैं, जिनकी उपलब्धियों को सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के ऐतिहासिक फैसले में सेना के शीर्ष पदों में लैंगिक समानता पर जिक्र किया था. इस फैसले ने महिलाओं को कमांड नियुक्तियों देने के खिलाफ सरकार के तर्कों को खारिज कर दिया था और 11 महिला अधिकारियों की उपलब्धियों को स्वीकार किया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि भारतीय सेना की महिला अधिकारियों ने सेना को गौरव दिलाया है.
-भारत एक्सप्रेस
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