Madhumita Shukla Murder Case: कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी की मधु मणि की समय पूर्व रिहाई के खिलाफ दायर याचिका को खारिज को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने याचिकाकर्ता निधि शुक्ला को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है. निधि शुक्ला मधुमिता शुक्ला की बहन है. हालांकि मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला ने एक पत्र जारी कर कहा था कि राज्यपाल को भ्रमित करके सजा माफी का आदेश जारी करवाया गया है.
निधि शुक्ला ने अपनी याचिका में मांग की थी कि जब तक याचिका का सुप्रीम कोर्ट से निस्तारण नही कर दिया जाता है तब तक अमरमणि और उनकी पत्नी को रिहा ना किया जाए. मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला कि माने तो जब सजा काटी ही नही तो माफी किस बात की. कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा पूरी न करना कोर्ट की अवमानना है. निधि शुक्ला के मुताबिक साल 2012 से 2023 तक अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधु मणि जेल में नहीं बल्कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के कमरे में थे.
सजा पूरी किए बिना माफी का सवाल
बता दें कि मधुमिता हत्याकांड में अमरमणि त्रिपाठी और मधु मणि को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शासन की तरफ से रिहाई के आदेश जारी किया गया है. मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने जेल में अच्छा बर्ताव करने वाले कैदियों की रिहाई पर विचार का आदेश दिया था. इस आदेश के बाद अमरमणि त्रिपाठी और मधु मणि त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में दया याचिका दाखिल की थी.
10 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी को रिहाई के आदेश दिया था. इन आदेशों के पालन में देरी पर अमरमणि त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल किया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 3 जुलाई 2023 को मधु मणि त्रिपाठी को रिहाई के आदेश दिया और 18 अगस्त 2023 को अमरमणि को रिहाई का आदेश दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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