Bharat Express DD Free Dish

सुप्रीम कोर्ट ने तुषार गांधी की याचिका खारिज, साबरमती आश्रम पुनर्विकास पर रोक से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने साबरमती आश्रम पुनर्विकास के खिलाफ तुषार गांधी की याचिका खारिज कर दी, यह कहते हुए कि याचिका देर से दायर की गई थी. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि 1200 करोड़ की यह परियोजना गांधीवादी मूल्यों के खिलाफ है.

साबरमती आश्रम

साबरमती आश्रम

सुप्रीम कोर्ट ने महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अहमदाबाद में साबरमती आश्रम के पुनर्विकास योजना पर गुजरात सरकार के फैसले के खिलाफ दायर  की गई थी. जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने कहा कि यह याचिका 2.5 साल की देरी से दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट ने तुषार गांधी की चिंताओं का विस्तार से ध्यान में रखा है. कोर्ट ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी है, जिनमें हम दखल नहीं दे सकते.

याचिका में कहा गया था कि 1200 करोड़ की यह परियोजना आश्रम की सादगी को मिटा देगी और इसे गांधीवादी मूल्यों से दूर एक राज्य नियंत्रित स्मारक में बदल देगी. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि यह परियोजना गांधीवादी विरासत के साथ विश्वासघात है.

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि यह परियोजना गांधीवादी विरासत के साथ विश्वासघात है. राज्य सरकार का दृष्टिकोण मूल आश्रम की स्थलाकृति को बदलना है. राज्य सरकार इसे संग्रहालयों, एम्फीथिएटर व फूड कोर्ट ने साथ एक आधुनिक परिसर में बदलना चाहती है,  जिसका गांधीवादी विचार में कोई स्थान नहीं है.

हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने दी मुहर

तुषार गांधी ने गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने 25 नवंबर 2021 को तुषार की याचिका खारिज कर दी थी. तुषार गांधी का कहना था कि उक्त परियोजना से साबरमती आश्रम की भौतिक भ्र्ष्ट हो जाएगी. गांधी आश्रम स्वतंत्रता आंदोलन के मुख्य केंद्रों में से एक रहा है. महात्मा गांधी ने 1917 और 1930 के बीच अपने जीवन के 15 साल बिताए और फिर दांडी के ऐतिहासिक नमक मार्च के लिए रवाना हुए. साबरमती आश्रम को गांधी आश्रम के नाम से भी जाना जाता है. महात्मा गांधी ने 1917 में इसकी स्थापना की थी.

याचिकाकर्ता ने इससे पहले कहा था कि महात्मा गांधी की व्यक्तिगत इच्छाओं और वसीयत के विपरीत है और हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के मंदिर और स्मारक को कम कर देगी जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों को आकर्षित करता है. गुजरात सरकार 54 एकड़ में फैले इस आश्रम व इसके आसपास स्थित 48 हेरिटेज प्रॉपर्टी को विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है.

ये भी पढ़ें: ‘हाईकोर्ट और जिला अदालतें में अधिक प्रभावी ढंग से करती हैं काम’, जानें आखिर किस बात पर भड़का सुप्रीम कोर्ट?

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read