Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

सुप्रीम कोर्ट से बीजेपी नेताओं मुकुल रॉय, कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य को राहत, गिरफ्तारी पर 23 जुलाई तक रोक

सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेताओं मुकुल रॉय, कैलाश विजयवर्गीय, अर्जुन सिंह सहित अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी पर 23 जुलाई तक रोक लगा दी है. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस से आपराधिक मामलों की रिपोर्ट मांगी, साथ ही जांच सीबीआई को सौंपने की मांग पर विचार किया.

supreme court

सुप्रीम कोर्ट.

बीजेपी नेता मुकुल रॉय, कैलाश विजयवर्गीय, अर्जुन सहित अन्य को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को कोर्ट ने बरकरार रखा है. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने इनकी गिरफ्तारी पर 23 जुलाई तक के लिए रोक लगा दिया है. कोर्ट ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने हलफनामे के जरिए सभी केस की रिपोर्ट मांगी है. वही बीजेपी नेताओं ने मामले को पश्चिम बंगाल पुलिस से सीबीआई को सौंपने की मांग की है.

मामले की सुनवाई के दौरान प्रश्न किया आप चाहते हैं कि जांच सीबीआई को सौप दी जाए. क्या आपको यकीन है कि सीबीआई निष्पक्ष जांच करेगी? याचिकाओं में पश्चिम बंगाल के कई पुलिस थानों में दर्ज प्राथमिकियों की जांच को स्थानांतरित करने के अनुरोध किया गया है.

कोर्ट ने कहा कि याचिकाएं वर्ष 2020 की है. इस अदालत ने पहले केवल याचिकाकर्ताओं को बलपूर्वक कार्रवाई से सुरक्षा दी थी, लेकिन कोई रोक नहीं लगाई गई थी. इसलिए हम पश्चिम बंगाल राज्य को प्रत्येक मामले में जांच के चरणों को बताते हुए एक व्यापक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. पिछली सुनवाई में इन नेताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर कोर्ट ने रोक लगा दिया था. सभी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन नेताओं में मुकुल रॉय के अलावा दो सांसद कैलाश विजयवर्गीय और अर्जुन सिंह शामिल है.

बीजेपी नेताओं की सीबीआई जांच की मांग

दरअसल इन नेताओं ने अलग-अलग दायर याचिकाओं में आरोप लगाया है कि विधान सभा के आसन्न चुनावों से संबंधित राजनीतिक गतिविधियों से उन्हें दूर रखने के लिए उन पर आपराधिक मामले थोपे जा रहे हैं. मुकुल रॉय, कैलाश विजयवर्गीय, अर्जुन के अलावा बीजेपी के दो अन्य नेताओं पवन कुमार सिंह और सौरव सिंह ने भी राज्य में उनके खिलाफ दर्ज मामलों में संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

कबीर शंकर बोस ने सुप्रीम कोर्ट में अलग से याचिका दायर की है. भाजपा नेताओं की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के इशारे पर पार्टी नेताओं पर आपराधिक मामले थोपे जा रहे हैं. इन सभी नेताओं ने अलग-अलग दायर याचिकाओं में आरोप लगाया है कि विधानसभा के आसन्न चुनाओं से संबंधित राजनीतिक गतिविधियों से उन्हें दूर रखने के लिए उन पर आपराधिक मामले थोपे जा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने 26/11 आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital