कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई को बंद कर दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एक ही मामले में समानांतर सुनवाई नही हो सकती है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने विजय शाह को दी गई अंतरिम राहत को बरकरार रखा है. जुलाई के तीसरे सप्ताह में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सीलबंद लिफाफे में एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट को कोर्ट में जमा कर दिया गया है. जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है. लिहाजा जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए. कोर्ट को यह अभी बताया गया कि एसआईटी ने मोबाइल फोन और भाषण से संबंधित स्क्रिप्ट को कब्जे में ले लिया है.
विवादित बयान से शुरू हुआ मामला
वही कोर्ट ने इस मामले में दायर कैवीएट का निपटारा कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि आगे अगर आवश्यता हुई तो उपयुक्त फोरम का दरवाजा खटखटा सकते है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन का आदेश दिया था. जिसके बाद मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसआईटी का गठन किया था. जिसमें आईपीएस प्रमोद वर्मा- 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी है.
फिलहाल सागर रेंज के आईजी हैं. फरवरी 2018 में उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी. वहीं 2022 में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया था. डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी है. डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती भोपाल पीएचक्यू में एसएएफ हैं. वे दतिया और खरगोन के एसपी रह चुके हैं.
2020 में उन्हें सीबीआई में एसपी भी बनाया गया था. जबकि डिंडौरी एसपी वाहिनी सिंह 2014 बैंच के आईपीएस अधिकारी है. वह.मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली है. वे पहले निवाड़ी जिले में एसपी रह चुकी हैं. वाहिनी सिंह ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं. एसआईटी टीम ने गांव के सरपंच और सचिव से मुलाकात की थी, इस दौरान एसआईटी ने घटना के वीडियो फुटेज और उपस्थित लोगों की सूची सहित प्रासंगिक दस्तावेज एकत्र किए थे.
हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज कराई थी FIR
मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने 11 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था. बयान में मंत्री ने कर्नल सोफिया को आतंकियों की बहन बता दिया.
उन्होंने कहा था कि उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी के उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा. इस बयान के बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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