Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

‘डीएम खुद को अलग नहीं कर सकतीं…’ नोएडा मजदूर प्रदर्शन NSA केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा ऑब्जरवेशन

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े मामले में छात्रा आकृति चौधरी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिए जाने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

Supreme Court News

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़े एक छात्र आकृति चौधरी को एनएसए के तहत हिरासत में लिए जाने के मामले में गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेधा रूपम की ओर से दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर हिरासत का फैसला कई अधिकारियों से होकर गुजरने वाली प्रक्रिया के तहत लिया गया था, तो जिलाधिकारी को इस पूरी प्रक्रिया से अलग नहीं रखा जा सकता है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के जिला अधिकारी मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रा अकृति चौधरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. हाई कोर्ट ने आकृति चौधरी पर लगाए गए एनएसए को रद्द कर दिया था. हाईकोर्ट ने हिरासत को मनमाना और अष्पष्ट बताया है. आकृति को अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किया गया था.

SHO से लेकर डीएम तक जिम्मेदार अधिकारियों पर मुआवजे की जिम्मेदारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी की गैरकानूनी हिरासत के लिए 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में इस रकम की वसूली गौतम बुद्ध नगर की जिलाधकारी मेधा रूपम के वेतन से करने का निर्देश दिया गया है. हाई कोर्ट ने डीएम की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि हिरासत का आदेश बिना ठीक से सोचे समझे जारी किया गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ना सिर्फ आकृति चौधरी को पांच लाख रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया है, बल्कि उसकी वसूली पुलिस एसएचओ से डीएम मेधा रूपम तक एनएसए लगाने में शामिल अधिकारियों के वेतन करने को कहा है.

कोर्ट ने मेधा रूपम समेत इन सभी अधिकारियों की सर्विस रिकॉर्ड में कोर्ट की नाराजगी दर्ज करने का भी आदेश दिया है. यह मामला अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए मजदूर आंदोलन से जुड़ा हुआ है. मजदूर न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने आकृति चौधरी को 11 अप्रैल की शाम को ही हिरासत में ले लिया था और 12 अप्रैल 2026 को उनकी गिरफ्तारी दिखाई थी, जबकि हिंसा 13 अप्रैल को भड़की थी.

बता दें कि मेधा रूपम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी है और जुलाई 2025 से नोएडा में डीएम है. वह उत्तर प्रदेश कैडर से 2014 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी है.

ये भी पढ़ें: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट में विभाजित फैसला, मामला बड़ी बेंच को भेजने के निर्देश

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital