देश में लोकसभा चुनाव हो, विधानसभा चुनाव हो या फिर पंचायत चुनाव अक्सर धांधली के आरोप लगते रहे है. सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पानीपत के बुआना लाखू ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव के नतीजे को पलट दिया है. इसको लेकर कोर्ट ने अपने सामने ईवीएम की पुनर्गणना के बाद मोहित कुमार को सरपंच घोषित कर दिया था, जिन्होंने वोटो की चोरी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिनकी याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 51 वोट से विजयी घोषित कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे 2 दिनों के भीतर मोहित के सरपंच बनने की आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए शपथ दिलाए. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने अपनी ओर से सभी कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है. दरअसल 2022 में हुए इस चुनाव में कुलदीप सिंह को विजेता घोषित किया गया था. लेकिन मोहित कुमार ने पंचायत चुनाव के रिजल्ट को धांधली का आरोप लगाते हुए पानीपत के अतिरिक्त सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी) सह-चुनाव ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की.
ट्रिब्यूनल ने बूथ नंबर 69 की पुनर्गणना का दिया आदेश
ट्रिब्यूनल ने बूथ नंबर 69 की पुनर्गणना का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने 1 जुलाई 2025 को खारिज कर दिया. इसके बाद मोहित ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. यह चुनाव 2 नवंबर 2024 को संपन्न हुआ था.
पंचायती चुनाव में सरपंच पद के दावेदारों में बुआना लाखू गांव से 7 पप्रत्याशी चुनाव लगे थे. इनमें से दो प्रत्याशियों कुलदीप और मोहित में कड़ा मुकाबला था. इस गांव में बूथ नंबर 65, 66, 67, 68, 69 और 270 बनाये गए थे. प्रिजाइडिंग ऑफिसर से बूथ नंबर 69 पर गलती से रिजल्ट बदल गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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