सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से दायर जमानत याचिका पर 2 फरवरी को सुनवाई करेगा. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई में अंतरिम जमानत पर विचार करेगा. पिछली सुनवाई के दौरान विक्रम मजीठिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस मुरलीधर ने कोर्ट को बताया था कि ड्रग्स मामले में मजीठिया को जमानत मिलने के बाद पीसी एक्ट के तहत दोबारा मामला दर्ज कर लिया गया.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया को ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए विशेष जांच दल के सामने पेश होने का निर्देश दिया था. मजीठिया की ओर से पेश वकील ने कहा था कि उन्हें राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है.
हाईकोर्ट कर चुका है इनकार
मजीठिया पहले को पहले ही पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा था कि जांच के दौरान सामने आए वित्तीय लेनदेन, कंपनियों का जटिल जाल और विदेशी स्रोतों से आई संदिग्ध रकम गंभीर आर्थिक अपराधों की इशारा करती हैं. कोर्ट ने तीन महीने के भीतर जांच पूरी करने को कहा था.
विजिलेंस ब्यूरो ने दर्ज किया था मामला
मजीठिया के खिलाफ 25 जून को विजिलेंस ब्यूरो मोहाली ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की थी. यह एफआईआर 2021 के एनडीपीएस मामले की जांच के दौरान गठित एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी.
ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में पेड़ काटने पर रोक लगाई, राज्य सरकार को जारी किया नोटिस
रिपोर्ट में मजीठिया और उनकी पत्नी के पास कथित तौर पर 540 करोड़ रुपए से अधिक की संदिग्ध संपत्ति होने का उल्लेख किया गया था. वही मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में ड्रग्स मामले में आरोप लगाए गए थे. जनवरी 2022 में उन्हें जेल भेज दिया गया था. लेकिन अगस्त 2022 में जमानत मिल गई थी. मजीठिया साढ़े पांच माह तक जेल में बंद रहे.
अब तक दाखिल नहीं हुई चार्जशीट
मजीठिया का कहना है कि जिस ड्रग्स केस को लेकर उनसे पूछताछ की जा रही हैं, उसमें किसी प्रकार की कोई रिकवरी या फिर जेल में साढ़े पांच माह बिताने के बाद भी पुलिस अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है. मजीठिया पर आरोप है कि कनाडा के रहने वाले ड्रग्स तस्कर सतप्रीत सत्ता मजीठिया की अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी में ठहरते रहे. यहां तक की मजीठिया ने उसे गाड़ी और गनमैन तक दे रखा था.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

