सुप्रीम कोर्ट से यूट्यूबर एल्विश यादव को मिली राहत बरकरार रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक राहत को बरकरार रखने का आदेश दिया है. जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंद्रुकर की पीठ मामले में सुनवाई कर रही हैं.
सांप के जहर के दुरुपयोग का मामला
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एल्विश यादव की ओर से दायर याचिका पर निचली अदालत के कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दिया था. यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और मामले में दाखिल चार्जशीट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
एल्विश यादव पर रेव पार्टी आयोजित करने और सांप के जहर के दुरुपयोग के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके अलावा उन पर रेव पार्टी आयोजित करने और विदेशियों को आमंत्रित कर पार्टी में लोगों को सांप का जहर और अन्य मादक पदार्थ का सेवन कराने का आरोप है.
आरोपियों से कोई संबंध नहीं- एल्विश
पुलिस ने इस मामले में अप्रैल 2024 में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. मई में जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि चार्जशीट और एफआईआर में एल्विश यादव के खिलाफ बयान है. ऐसे आरोपो की जांच केस के दौरान की जाएगी.
वहीं एल्विश यादव की ओर से पेश वकील ने कहा था कि मेरे पास से कोई सांप या मादक पदार्थ बरामद नही हुआ है. मेरे अन्य आरोपियों से कोई संबंध नहीं है. यादव ने यह भी कहा कि केस दर्ज कराने वाला व्यक्ति वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अधिकृत व्यक्ति नहीं है. वह खुद को पशु कल्याण अधिकारी बताकर झूठा दावा कर रहा है.
लिहाजा मामले में दायर चार्जशीट को रद्द किया जाए. एल्विश यादव के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48 ए, 49, 50 और 51 आईपीसी की धारा 284, 289 और 120बी और एनटीपीएस एक्ट की धारा 8, 22, 29, 30 और 32 के तहत गौतम बुद्ध नगर के सेक्टर 49 थाने में एफआईआर दर्ज किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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