दिल्ली दंगे के मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों को दिए जाने वाले दस्तवेज़ों कि प्रतियों को तैयार करने में देरी को लेकर पुलिस के एक अधिकारी को कड़कड़डूमा कोर्ट ने फटकार लगाई है (Delhi Riots).
कड़कड़डूमा कोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) रिपोर्ट और सबूतों वाली एक पेन ड्राइव दाखिल की है. लेकिन जांच अधिकारी ने अभियुक्तों को दी जाने वाली प्रतियां तैयार नहीं की है.
उन्होंने कहा, मुझे इस बात पर भी गौर करना होगा कि जांच अधिकारी सुबह 10 बजकर 30 मिनट तक अदालत में पेश नही हुए और जब वे पेश हुए तब भी वे अभियुक्तों के लिए कोई प्रतियां नहीं लाए. जांच अधिकारी के कारण मामले की सुनवाई में देरी हुई है.
कोर्ट ने चार्जशीट और दस्तावेज 18 जुलाई तक सौंपने का आदेश दिया
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी को निर्देश दिया जाता है कि वह अगली सुनवाई 18 जुलाई को चार्जशीट, दस्तवेज़ों की प्रति और पेन ड्राइव की एक प्रति आरोपियों को सौंपे.
अदालत ने कहा कि यह जानकारी उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त (डीएसपी) को दी जाए जिससे जांच अधिकारी की इस लापरवाही पर कार्रवाई की जा सके और अगली सुनवाई की तारीख तक रिपोर्ट पेश की जाए. साल 2020 फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ये दंगे हुए थे और कई लोगों की जान गई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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