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भ्रष्टाचार के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट के अहलमद मुकेश कुमार को अंतरिम राहत देने से हाई कोर्ट ने किया इनकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने राऊज एवेन्यु कोर्ट के अहलमद मुकेश कुमार को भ्रष्टाचार मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने एसीबी को नोटिस जारी कर 29 मई तक स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है.

delhi high court
Edited by Akansha

दिल्ली हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट के अहलमद मुकेश कुमार को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस अमित शर्मा ने एसीबी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही कोर्ट ने एसीबी को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट 29 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

मुकेश कुमार पर लगे आरोप काफी संगीन है

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मुकेश कुमार पर लगे आरोप काफी संगीन है. मुकेश कुमार एफआईआर में मुख्य आरोपी है. मामले की सुनवाई मुकेश कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मोहित माथुर और मनिंदर सिंह ने कहा कि फरवरी से लेकर अब तक मैं कई बार जांच के शामिल हो चुका हूं. माथुर ने कहा कि कई शिकायतें मिली है.

याचिकाकर्ता के वकील ने कही ये बात

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ मैंने जनवरी में शिकायत की थी, उस अधिकारी को जांच अधिकारी बना दिया गया है. मैं किस निष्पक्षता की उम्मीद कर सकता हूं. इससे पहले मुकेश कुमार की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए राऊज एवेन्यु कोर्ट ने कहा था कि उस पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं और जांच एजेंसी को उनसे पूछताछ के लिए हिरासत की आवश्यकता है ताकि पूरे षड्यंत्र की गहराई से पड़ताल की जा सके.

बीएनएस की धारा 308 के तहत दर्ज किया गया मामला

कोर्ट ने यह भी कहा था कि सह-आरोपितों व साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मामला भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधान और बीएनएस की धारा 308 के तहत दर्ज किया गया है. इस जांच के दायरे में एक सीए और वह जज शामिल है, जिनकी कोर्ट में मुकेश कुमार तैनात था.

कोर्ट ने सबूत मिलने पर एसीबी को दोबारा हाई कोर्ट आने को कहा

दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने इस साल 29 जनवरी को विधि, न्याय और विधायी मामलों के विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखकर जज और अहलमद के खिलाफ जांच शुरू करने की  अनुमति मांगी थी. रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट को भेजे गए इस अनुरोध को 14 फरवरी को खारिज कर दिया था कि एसीबी के पास स्पेशल जज के खिलाफ पर्याप्त सामग्री नही हैं. लेकिन कोर्ट ने सबूत मिलने पर एसीबी को दोबारा हाई कोर्ट आने को कहा था. हालांकि 20 मई को दिल्ली हाई कोर्ट ने जज को राऊज एवेन्यु कोर्ट से दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया.

-भारत एक्सप्रेस 


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