कलकत्ता हाई कोर्ट
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों का मामला अब कोलकाता हाई कोर्ट पहुंच चुका है. तृणमूल कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों तथा पार्टी के सांसदों और विधायकों पर अंडे फेंकने को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि उसके नेताओं और समर्थकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई है. दायर जनहित याचिका में दावा किया गया है कि हाल के दिनों में कई स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों पर हमले हुए है और पार्टी ने जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है.
टीएमसी ने अदालत से निष्पक्ष जांच और सख्त निर्देश की मांग की
पार्टी ने अदालत से इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है. टीएमसी का कहना है कि राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसा और हमलों की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. बता दें कि हालही में रानीगंज इलाके में तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता सौमित्र बनर्जी पर अंडे फेंके गए.
बनर्जी को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था. जब पुलिस उनको कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी, इसी दौरान उनपर अंडे फेंके गए.
इससे पहले टीएमसी के पूर्व विधायक सनत डे को स्थानीय लोगों का विरोध का सामना करना पड़ा था. पार्टी कार्यालय के बाहर जमा भीड़ ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके. इस दौरान लोगों ने चोर-चोर के नारे भी लगाए थे. वही टीएमसी विधायक मदन मित्रा पर उत्तर 24 परगना जिले की कमरहटी नगरपालिका के वार्ड 14 में उग्र भीड़ ने हमला कर दिया था.
हालांकि वो बाल-बाल बच गए थे. भीड़ ने उनके वाहन को घेर लिया था, उसमें तोड़फोड़ की और अंडे फेंके. पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक तनाव और सार्वजनिक अंसतोष को रेखांकित करते हुए हाई प्रोफाइल टीएमसी नेताओ पर लगातार हमले हो रहे है. जिसको लेकर टीएमसी ने कोलकाता हाई कोर्ट का रुख किया है.
-भारत एक्सप्रेस
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