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‘प्राइवेट छात्र होने से नहीं रोक सकते रिजल्ट’; सऊदी अरब के प्रांशु पटेल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीबीएसई को दिए थे निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने खाड़ी देश में रहने वाले सीबीएसई प्राइवेट छात्र प्रांशु पटेल का परिणाम जारी कर दिया है. कोर्ट ने छात्र को केंद्र की नई मूल्यांकन पॉलिसी को दोबारा चुनौती देने की अनुमति भी दे दी है.

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खाड़ी देश में रहने वाले सीबीएसई (CBSE) के प्राइवेट छात्र की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद केंद्र सरकार ने रिजल्ट जारी कर दिया है, साथ ही सरकार ने एक पॉलिसी जारी की है जो समुचित नहीं है. अदालत ने याचिकाकर्ता को इस पॉलिसी को चुनौती देने की अनुमति दे दी है. यह याचिका सऊदी अरब के रहने वाले एक छात्र ने वकील विनीत जिंदल के माध्यम से दायर की थी.

सीबीएसई से मांगा था लिखित जवाब

इससे पहले कोर्ट ने खाड़ी देशों में पढ़ने वाले सीबीएसई कक्षा 12वीं के एक छात्र का परिणाम रोकने यानी वेबसाइट पर रिजल्ट लेटर दिखाए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार और सीबीएसई से लिखित जवाब मांगा था. सुनवाई के दौरान सीबीएसई की ओर से पेश वकील ने कहा था कि छात्र का मूल्यांकन विद्यालय के माध्यम से होना था, लेकिन वह निजी (प्राइवेट) परीक्षार्थी है, इसलिए आवश्यक मूल्यांकन उपलब्ध नहीं है. इस पर जस्टिस मनमोहन ने कहा था कि छात्र के पूर्व शैक्षणिक रिकॉर्ड पर विचार किया जा सकता है और सीबीएसई को इस संबंध में निर्देश लेकर अदालत को अवगत कराना चाहिए.

अनुच्छेद 32 के तहत याचिका

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में प्रांशु जिगर कुमार पटेल ने कहा था कि परिणाम घोषित नहीं होने से उनकी उच्च शिक्षा की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं और उन्हें प्रवेश के अवसरों से वंचित होना पड़ा है.

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याचिका के अनुसार, पटेल ने सऊदी अरब के अल जुबैल से सीबीएसई कक्षा 12वीं सुधार परीक्षा 2026 में निजी परीक्षार्थी के रूप में भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), गणित (Mathematics), अंग्रेजी (English) और कंप्यूटर विज्ञान (Computer Science) विषयों की परीक्षा दी थी. याचिका में यह भी कहा गया था कि छात्र ने 17 मई, 21 मई और 30 मई 2026 को सीबीएसई को कई बार प्रतिनिधित्व भेजा, लेकिन बोर्ड की ओर से कोई जवाब नहीं मिला.

तनाव के चलते रद्द करनी पड़ी थीं शेष परीक्षाएं

सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हुई थीं. क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए बोर्ड ने पहले 2 मार्च के बाद होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं. बाद में हालात सामान्य न होने पर 5 मार्च को शेष कक्षा 10वीं और 15 मार्च को शेष कक्षा 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं.



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