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मुकुल रॉय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत; हाई कोर्ट के अयोग्यता वाले फैसले पर लगाई रोक, स्पीकर और सुवेंदु अधिकारी को नोटिस

टीएमसी नेता मुकुल रॉय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने कोलकाता हाई कोर्ट के अयोग्य घोषित करने के आदेश पर रोक लगाते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है.

टीएमसी के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने पर रोक लगा दिया है. यह याचिका मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने दायर की है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पीकर, सुवेंदु अधिकारी सहित अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. कोर्ट 6 सप्ताह बाद याचिका पर अगली सुनवाई करेगा.

सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा स्पीकर ने मुकुल रॉय को अपराधी नही कहा, बल्कि अपराध जैसा आचरण बताया था. वही याचिका का विरोध करते हुए वरिष्ठ वकील गौरव अग्रवाल ने आदेश पर रोक लगाने का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि मुकुल रॉय अस्पताल में हैं और विधायक के तौर पर चुनाव लड़े थे. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि रॉय ने 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में तृणमूल में शामिल होने के कारण उन्होंने अपनी सदस्यता खो दी है. हाई कोर्ट ने स्पीकर बिमल बनर्जी के उस फैसले को भी रद्द कर दिया था, जिसमें उन्होंने रॉय को अयोग्य घोषित करने या सार्वजनिक लेखा समिति से हटाने से इनकार कर दिया था.

विधायक अंबिका राय ने मुकुल रॉय की नियुक्ति को बताया गलत

दरअसल बीजेपी विधायक अंबिका राय ने पीएसी अध्यक्ष के रूप में मुकुल रॉय की नियुक्ति के खिलाफ याचिका दायर की थी. उनकी.दलील थी कि यह पद पारंपरिक रूप से विपक्ष के लिए आरक्षित होता है, और राय को तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद बीजेपी के प्रतिनिधि के रूप में नही माना जा सकता. जबकि सुवेंदु अधिकारी ने याचिका दायर कर कहा था कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत रॉय को अपना पद छोड़ना चाहिए, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद अब टीएमसी में काम करना शुरू किया है. हाई कोर्ट ने स्पीकर से मुकुल रॉय के खिलाफ कदम उठाने का सुझाव दिया था. लेकिन स्पीकर ने कार्रवाई करने से साफ इंकार कर दिया था.

सुनवाई के दौरान बीजेपी ने कहा था कि मतदाता पार्टी को समर्थन देते हैं, उम्मीदवार को नहीं और पार्टी बदलने से लोकतांत्रिक जिम्मेदारी कमजोर होती है. मुकुल रॉय 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट से जीत हासिल की थी, लेकिन उसी साल 11 जून को वह बेटे के साथ टीएमसी में शामिल हो गए. जिसपर ममता बनर्जी ने कहा था कि घर का लड़का घर लौट आया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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