Twisha Sharma Suicide Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉश इलाके बागमुगालिया एक्सटेंशन में हुई हाई-प्रोफाइल सुसाइड मिस्ट्री हर बीतते दिन के साथ और उलझती जा रही है. रिटायर्ड महिला जज गिरीबाला सिंह की बहू और पूर्व साउथ इंडियन एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत को छह दिन गुजर चुके हैं, लेकिन यह मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. इस दुखद घटना में अब सबसे बड़ा मोड़ मृतक ट्विशा के परिवार वालों के रुख से आया है.
ट्विशा के माता-पिता और परिजनों ने अपनी बेटी का शव लेने से साफ इनकार कर दिया है. उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर की पुलिस करे और नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम (Re-Postmortem) करवाया जाए. परिजनों का आरोप है कि लोकल स्तर पर जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही है.
‘दोबारा हो पोस्टमॉर्टम, वरना नहीं लेंगे शव’
मूल रूप से नोएडा के रहने वाले ट्विशा के परिजनों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि मुख्य आरोपी और रिटायर्ड जज सास गिरीबाला सिंह को कोर्ट से इतनी जल्दी जमानत कैसे मिल गई. परिजनों ने कटारा हिल्स पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे थाने गए, तो थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनसे सीधे मुंह बात तक नहीं की.
न्याय न मिलता देख रविवार को पीड़ित परिवार भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठ गया और कई घंटों तक मेन गेट के सामने डटा रहा. परिवार की स्पष्ट मांग है कि पुलिसिया कार्रवाई में घोर लापरवाही बरती जा रही है.
बता दें कि घटना के बाद से ही ट्विशा का वकील पति समर्थ शर्मा फरार चल रहा है, जिसे पकड़ने में पुलिस सुस्ती दिखा रही है. ऐसे में दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम होने से ही मौत का असली सच और चोटों के निशान (यदि कोई हो) सामने आ पाएंगे.
सास ने लगाया ड्रग एडिक्शन का आरोप
इस बीच, मामले में कानूनी दांव-पेंच भी तेज हो गए हैं. आरोपी सास गिरीबाला सिंह की जो बेल एप्लीकेशन कोर्ट में पेश की गई थी, उसके कुछ चौंकाने वाले हिस्से सामने आए हैं. सास ने अपनी मृत बहू पर ही गंभीर आरोप लगाए है.
जमानत अर्जी में दावा किया गया है कि 24 वर्षीय ट्विशा गंभीर रूप से ड्रग एडिक्ट थी. जब उसे नशा नहीं मिलता था, तो उसके हाथ कांपने लगते थे और उसका व्यवहार बेहद चिड़चिड़ा हो जाता था. वकील के जरिए कोर्ट को ये भी बताया गया कि ट्विशा का इलाज भोपाल के मशहूर मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी और काउंसलर काकोली राय के पास चल रहा था और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी.
ससुराल का दावा- ‘हर महीने भेजते थे पैसे’
रिटायर्ड जज की ओर से कोर्ट में कहा गया कि उन पर लगे दहेज प्रताड़ना के तमाम आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं. सबूत के तौर पर कोर्ट में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की रसीदें पेश की गई हैं, जिसमें 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक के ट्रांसफर शामिल हैं.
ससुराल पक्ष का कहना है कि वे अपनी गर्भवती बहू का पूरा ख्याल रख रहे थे, हालांकि बाद में उसका अबॉर्शन हो गया था. घटना वाले दिन यानी 11 मई को भी पति समर्थ उसे खुद ब्यूटी पार्लर लेकर गया था. वहां से तैयार होकर लौटने के बाद, रात में अपनी मां से फोन पर बात करते-करते ट्विशा छत पर गई और वहां प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फांसी लगा ली.
ACP मिसरोद के नेतृत्व में SIT गठित
मामले के लगातार तूल पकड़ने और परिजनों के भारी विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अब हरकत में आया है. पूरे मामले की नए सिरे से पड़ताल के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है.
इस SIT का नेतृत्व एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप कर रहे हैं, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों समेत कुल छह सदस्यों को शामिल किया गया है. पुलिस की एक अन्य टीम फरार पति समर्थ शर्मा के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.
डेटिंग ऐप से शुरू हुई थी लव स्टोरी
बता दें कि ट्विशा शर्मा पढ़ाई में बेहद होनहार थीं और उन्होंने एमबीए किया था. शादी से पहले वे चार तेलुगु फिल्मों में बतौर एक्ट्रेस काम कर चुकी थीं और मॉडलिंग व एड फिल्मों का भी जाना-माना चेहरा थीं. फिल्मी दुनिया में मनमुताबिक कामयाबी न मिलने पर वे दिल्ली की एक निजी कंपनी में वर्क फ्रॉम होम जॉब करने लगीं.
इसी दौरान एक डेटिंग ऐप के जरिए उनकी मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ शर्मा से हुई. दोनों में प्यार हुआ और परिवारों की रजामंदी से बीते 12 दिसंबर 2025 को दोनों की धूमधाम से शादी हुई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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