Bharat Express DD Free Dish

69000 शिक्षक भर्ती: 8 से 10 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट में होगी लगातार सुनवाई, कोर्ट बोला- अब और नहीं टलेगा फैसला

Supreme Court: उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती विवाद मामले में दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 8 से 10 जुलाई तक लगातार सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि अब इस मामले को आगे नहीं टाला जाएगा.

Supreme Court
Edited by Shubhra Rai

Supreme Court: उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती विवाद मामले में दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 8 से 10 जुलाई तक लगातार सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि अब इस मामले को आगे नहीं टाला जाएगा. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों के भविष्य पर फैसले जल्द होना चाहिए.

क्या है मामला?

जस्टिस एवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने पक्षकारों से समय से यह बताने के लिए कहा कि निर्धारित दिनों में हम किसी अन्य मामले को नहीं सुनेंगे, ऐसी स्थिति में आप हमें समय से यानी तीन दिन पहले अवगत करा दें कि कौन-कौन अधिवक्ता बहस करना चाहेंगे. वही कोर्ट ने मामले में पहले से नियुक्त नोडल अधिकारी मनदीप कालरा को हटा दिया है. अब उनके जगह एओआर अंकित गोयल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है.

लिखित दलीलें जमा करने को कहा

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दिया था. साथ ही अदालत ने सभी पक्षों से लिखित दलीलें जमा करने को कहा था. हाई कोर्ट ने 3 महीने के भीतर दोबारा लिस्ट तैयार करने के आदेश दिया था. यह याचिका सामान्य वर्ग में चयनित अभ्यर्थी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी और हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अगर नई सूची बनाते समय यदि वर्तमान में कार्यरत किसी सहायक शिक्षक पर विपरीत असर पड़ता है तो मौजूदा सत्र का लाभ दिया जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो.

69000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी

हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद नई चयन सूची बनने से वीते चार सालों से सेवाएं दे रहे हजारों शिक्षक बाहर हो जाएंगे. 1 जून 2020 को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 69000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी किया था. बता दें कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब 1 लाख 37 हजार शिक्षा मित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में समायोजित कर दिया था.

इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुचा था. जिसपर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन को रद्द कर दिया था और योगी आदित्यनाथ की सरकार को 1 लाख 37 हजार पदों के लिए दोबारा परीक्षा का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पदों को दो चरणों में भरने को कहा था. जिसके बाद योगी सरकार ने वर्ष 2018 में 68500 पदों के लिए वैकेंसी निकाली. इसके बाद दूसरे चरण की भर्ती 69000 सहायक शिक्षक की भर्ती की गई.

-यह भी पढ़ें-स्टॉक ब्रोकर से लेकर पर्सनल खातों तक… करोड़ो के घोटाले में शिवम एसोसिएट्स पर छापा, 333 करोड़ की रकम ट्रेस

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read