पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कोलकाता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने पत्र भेजा है, मैं पढ़कर सुनाता हूं. हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कहना है कि मुख्य न्यायाधीश कहा कहना है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा डैशबोर्ड में डेटा अभी तक अपडेट नहीं किया गया है.
इसपर चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डीएस नायडू ने कहा कि पहले चरण के लिए 26 हजार डेटा अपडेट करना बाकी है. यह कर दिया जाएगा. जबकि दूसरे चरण के लिए 25 हजार डेटा अपडेट करना बाकी है. यह भी पूरा कर लिया जाएगा. आयोग ने कोर्ट को सूचित किया कि हम केंद्रीय बल तैनात कर रहे हैं, क्योंकि न्यायिक अधिकारियों को जोखिम है और सार्वजनिक बयान बहुत ही खतरनाक आ रहे है. हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा भेजे गए पत्र के मुताबिक 6 अप्रैल दोपहर 12:04 बजे, न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल लंबित 60 लाख 6 हजार आपत्तियों में से 59 लाख 15 हजार आपत्तियों का निपटारा किया गया.
मालदा में दर्ज 8 लाख आपत्तियों का जिक्र
चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि ट्रिब्यूनल जल्द अपना काम शुरू करेगी और अपीलों का निपटारा भी जल्द होगा. इसके लिए निर्देश लेकर सूचित करता हूं. चुनाव आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. सुबह एक उम्मीदवार की याचिका का जिक्र हुआ था, जिसका निपटारा हो चुका है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पत्र में मालदा का जिक्र है. जहां 8 लाख आपत्तियां दर्ज की गई थी. घेराव जैसी तमाम मुश्किलों के बावजूद कोई मामला लंबित नही हैं. उस दौरान एक समस्या जो देखने को मिली वह यह कि रियलटाइम ई-हस्ताक्षर अपलोड, जिससे समय पर निपटारा प्रभावित हो रहा है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर पूछा है कि अपीलीय न्यायाधिकरण का क्षेत्र कब तक तैयार हो जाएगा और मानदेय भुगतान का तरीका क्या होगा.
ट्रिब्यूनल कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता
मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मैं पहली बार अपना मोबाइल कोर्ट में ले कर आया हूं. मैंने ऐसा पहले कभी नहीं किया. यह जस्टिस शिवंगनम का एक और पत्र है. वे अपीलीय प्रक्रिया के संबंध में स्पष्टता चाहते है. इसलिए वे व्यक्तिगत सुनवाई के बारे में जानना चाहते हैं. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील श्याम दिवान ने कोर्ट को बताया कि इन 60 लाख मामलों में से 40 लाख मामलों के रिकॉर्ड का विवरण उपलब्ध है. 55 फीसदी मामले छूट गए है, जो कि बहुत अधिक है. अभी तक सात लाख अपीलें दायर की जा चुकी है. लेकिन 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों द्वारा इनमें से बहुत कम अपीलों पर सुनवाई हो रही है.
इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि आपकी चिंता जायज है. हम भी चाहेंगे कि ट्रिब्यूनल जल्द काम शुरू करें. सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश अन्य वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि संविधान के प्रतिपादक नंदलाल बोस थे. उनके पोते-पोतियों को भी लिस्ट से बाहर कर दिया गया है.
टीएमसी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिनके केस पेंडिंग है उन्हें भी वोट दिया जाएगा. आयोग ने कोर्ट को बताया कि कल एक भाषण दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि सीआरपीएफ के अधिकारी उत्तर प्रदेश से आपको पीटने आ रहे हैं, इसके लिए तैयार रहें. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए इस वीडियो को देखा. कोर्ट 13 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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