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ज्यादा हीटर चलाएंगे, तो पड़ जाएंगे बीमार! जानें कैसे गर्म हवा आपकी सेहत को कर रही ठंडा?

हीटर और ब्लोअर की गर्म हवा त्वचा, आंखों और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियां बढ़ा सकती है। बंद कमरे में इस्तेमाल जानलेवा कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा पैदा करता है।

Heater Health Risks in Winter: सर्दी के मौसम में हीटर या ब्लोअर की गर्माहट एक सुकून भरा एहसास देती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही सुकून आपकी सेहत के लिए एक खामोश खतरा बन सकता है? पूरे उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच, लाखों लोग इन उपकरणों का सहारा ले रहे हैं, बिना यह जाने कि ये न केवल त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं. क्या आपका गर्माहट का स्रोत आपके लिए एक ‘साइलेंट किलर’ बन रहा है? आइए जानते हैं कि कैसे हीटर की मोहक गर्मी के पीछे छिपे हैं गंभीर स्वास्थ्य जोखिम…

त्वचा और आंखों पर सीधा हमला

दिल्ली के जी.बी. पंत अस्पताल के डॉक्टर अंकित के मुताबिक, हीटर और ब्लोअर दोनों ही शरीर पर एक जैसा ही नकारात्मक प्रभाव डालते हैं. ये उपकरण तेज गर्म हवा छोड़ते हैं, जो कमरे की प्राकृतिक नमी को सोख लेती है। इसका सीधा असर सबसे पहले हमारी त्वचा और आंखों पर पड़ता है. त्वचा रूखी, फटी-फटी और खुजली वाली हो जाती है, जिससे एक्जिमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. वहीं, आंखों में जलन, ड्राइनेस और लालपन की शिकायत आम हो जाती है. अगर हीटर सीधे चेहरे के सामने रखा जाए, तो नाक की अंदरूनी नम झिल्ली सूख सकती है, जो सिरदर्द, नाक बंद होने और सांस लेने में तकलीफ(Heater Health Risks in Winter) का कारण बनती है.

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कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरनाक खेल (Heater Risks)

हीटर से होने वाला सबसे गंभीर खतरा है कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का उत्सर्जन. यह एक बेरंग, बेगंध और जहरीली गैस है, जिसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है. खासकर वे हीटर जो गैस या केरोसिन पर चलते हैं, यदि ठीक से मेंटेन न किए जाएं या बंद कमरे में चलाए जाएं, तो यह गैस कमरे में जमा होने लगती है. शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकने वाली इस गैस के कारण सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, भ्रम की स्थिति और गंभीर मामलों में बेहोशी या मौत भी हो सकती है. इसलिए बंद कमरे में हीटर चलाना मौत को दावत देने के समान है.

क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

इन खतरों (Heater Risks) से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं. सबसे पहले, हीटर हमेशा ऐसे कमरे में चलाएं जहां हवा आने-जाने का पर्याप्त प्रबंध हो. खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें ताकि ताजी हवा का संचार बना रहे. हीटर को कभी भी लगातार कई घंटों तक न चलाएं। एक-दो घंटे के उपयोग के बाद उसे बंद कर दें. सोते समय हीटर चलाने से बचें; इसके बजाय सोने से पहले कमरा गर्म करके हीटर बंद कर दें. हीटर को कभी भी बिस्तर, कंबल, पर्दे या कागज जैसी ज्वलनशील चीजों के पास न रखें, आग लगने का खतरा रहता है. वहीं याद रखें, सर्दी से बचाव जरूरी है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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