Aaj Ka Panchang 11 May 2026: ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सोमवार को पड़ रही है. हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित माना जाता है. आज चन्द्रमा कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में रहेंगे. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन प्रदोष काल में शिव पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
प्रदोष काल का महत्व
पंचांग के अनुसार प्रदोष काल सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू होकर 45 मिनट बाद तक रहता है. इस समय में की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है. भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित करते हैं, मंत्र जाप करते हैं और व्रत रखते हैं.
पूजा विधि
सुबह स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और शिवालय जाएं. पूजा स्थल को स्वच्छ कर भगवान शिव और माता पार्वती को प्रणाम करें. शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें. ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें. माता पार्वती को लाल फूल, सिंदूर और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें. अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें.
धार्मिक मान्यता
कहा जाता है कि प्रदोष काल में की गई पूजा व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर करती है और घर में सुख-समृद्धि लाती है. सोमवार को शिव और पार्वती की आराधना करने से मानसिक शांति मिलती है, करियर और कारोबार में सफलता मिलती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
आज का पंचांग (11 मई 2026)
- तिथि: नवमी दोपहर 3:24 बजे तक, फिर दशमी
- नक्षत्र: शतभिषा रात 1:28 बजे तक, फिर पूर्व भाद्रपद
- करण: गर 3:24 बजे तक, फिर वणिज
- योग: इन्द्र रात 1:04 बजे तक, फिर वैधृति
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- दिन: सोमवार
- चंद्र राशि: कुंभ
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:33 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:02 बजे
- चंद्रोदय: रात 2:21 बजे (12 मई)
- चंद्रास्त: दोपहर 1:18 बजे
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:09 से 4:51 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: 11:51 से 12:45 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 2:33 से 3:27 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: 7:01 से 7:22 बजे तक
- अमृत काल: 6:05 से 7:43 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 11:56 से 12:38 बजे तक
अशुभ समय
- राहुकाल: 7:14 से 8:55 बजे तक
- यमगण्ड: 10:37 से 12:18 बजे तक
- गुलिक काल: 1:59 से 3:40 बजे तक
- वर्ज्य: 8:13 से 9:52 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: 12:45 से 1:39 बजे तक
- पंचक काल: पूरे दिन
- दिशाशूल: पूर्व दिशा
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आज का सोमवार ज्येष्ठ मास की नवमी तिथि के साथ प्रदोष काल का विशेष महत्व लेकर आया है. इस समय में श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में शांति, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है.
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