Aaj Ka Panchang 18 June 2026
Aaj Ka Panchang 18 June 2026: आज 18 जून 2026, दिन गुरुवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो शाम 06 बजकर 58 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ हो जाएगा. गुरुवार का पावन दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु जी को समर्पित है. आज के दिन विष्णु जी के साथ-साथ विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी की आराधना करने से जीवन के सभी संकटों, विघ्न-बाधाओं और अज्ञात भय का समूल नाश होता है.
पंचांग विवरण (Aaj Ka Panchang 18 June 2026)
आज का दिन विशेष रूप से ‘ज्येष्ठ विनायक प्रद्युम्न चतुर्थी’ के पावन पर्व के लिए जाना जाता है, जिसे गणपति बप्पा की कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन माना जाता है. मान्यता है कि आज के दिन बुद्धि और विवेक के दाता गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना करने से ऋद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज चंद्रमा पूरे दिन स्वराशि कर्क में और शुभ ‘पुष्य नक्षत्र’ में संचरण कर रहे हैं. हालांकि, आज कुछ चुनौतीपूर्ण योग और ‘भद्रा’ का साया भी बन रहा है. किसी भी शुभ कार्य में पूर्ण सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुभ मुहूर्तों (जैसे अभिजीत मुहूर्त) का सही ज्ञान होना नितांत आवश्यक है.
आज की तिथि और वार (Today’s Tithi and Day)
पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है जो शाम 06 बजकर 58 मिनट तक मान्य रहेगी. इसके पश्चात पंचमी तिथि लग जाएगी. गुरुवार का दिन धार्मिक कार्यों, मांगलिक चर्चाओं, शिक्षा और स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.
- तिथि: चतुर्थी (शाम 06:58 बजे तक), फिर पंचमी
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: गुरुवार
- संवत्: विक्रम संवत 2083
नक्षत्र और योग (Nakshatra and Yoga)
आज दोपहर 11 बजकर 32 मिनट तक नक्षत्रों का राजा ‘पुष्य नक्षत्र’ रहेगा, जो शनिदेव के स्वामित्व और देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव वाला परम कल्याणकारी नक्षत्र है. इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र की शुरुआत होगी. योग की बात करें तो आज शाम 05 बजकर 35 मिनट तक ‘व्याघात योग’ रहेगा, जिसके बाद ‘हर्षण योग’ लग जाएगा. इसके अतिरिक्त, आज शाम तक भद्रा (विष्टि करण) का साया भी रहेगा.
- नक्षत्र: पुष्य (दोपहर 11:32 बजे तक), फिर अश्लेषा
- योग: व्याघात योग (शाम 05:35 बजे तक), फिर हर्षण योग
- करण: वणिज (प्रातः 08:13 बजे तक), फिर विष्टि/भद्रा (शाम 06:58 बजे तक)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Position of Sun and Moon)
आज सूर्य देव अपनी मित्र राशि मिथुन में विराजमान हैं. वहीं, चंद्र देव पूरे दिन और रात अपनी स्वराशि कर्क में गोचर करेंगे. कर्क राशि का चंद्रमा व्यक्ति को संवेदनशील, शांत, परोपकारी और आध्यात्मिक दृष्टिकोण प्रदान करता है.
- सूर्य राशि: मिथुन
- चंद्र राशि: कर्क
- सूर्योदय / सूर्यास्त: प्रातः 05 बजकर 23 मिनट / सायं 07 बजकर 21 मिनट
- चंद्रोदय / चंद्रास्त: प्रातः 08 बजकर 44 मिनट / रात्रि 10 बजकर 28 मिनट
आज के शुभ मुहूर्त (Today’s Shubh Muhurat)
किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को आरंभ करने या किसी नए सौदे को अंतिम रूप देने के लिए आज ‘अभिजीत मुहूर्त’ का समय सबसे श्रेष्ठ और चमत्कारिक रहेगा.
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक
- अमृत काल: प्रातः 05 बजकर 41 मिनट से प्रातः 07 बजकर 09 मिनट तक
राहुकाल, भद्रा और अशुभ समय (Rahukaal and Inauspicious Times)
आज के दिन दोपहर के बाद ‘राहुकाल’ का समय रहेगा, जिसमें कोई भी नया शुभ कार्य या धन का बड़ा लेन-देन करना सख्त वर्जित है. इसके साथ ही आज शाम 06:58 बजे तक ‘भद्रा’ (विष्टि करण) का साया रहेगा, इसलिए इस दौरान शुभ व मांगलिक कार्यों को करने से अत्यधिक परहेज करें.
- राहुकाल: दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से सायं 03 बजकर 52 मिनट तक (इस समय शुभ कार्य टालें)
- गुलिकाल: प्रातः 08 बजकर 53 मिनट से प्रातः 10 बजकर 38 मिनट तक
- यमगण्ड काल: प्रातः 05 बजकर 23 मिनट से प्रातः 07 बजकर 08 मिनट तक
आज के व्रत और त्यौहार (Today’s Fasts and Festivals)
आज ‘ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी’ का पावन व्रत व त्यौहार मनाया जा रहा है. भगवान गणेश को समर्पित इस व्रत में दोपहर के समय बप्पा की सात्विक पूजा करने और उन्हें दूर्वा दल व मोदक अर्पित करने का विधान है. मान्यता है कि विनायक चतुर्थी की पूजा से घर की दरिद्रता दूर होती है और व्यापार में आ रही मंदी का नाश होता है.
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आज के पंचांग का सार (Summary)
निष्कर्ष के तौर पर, 18 जून 2026 का दिन ‘विनायक चतुर्थी’ के पावन आशीर्वाद और ‘पुष्य नक्षत्र’ की दिव्य ऊर्जा से ओत-प्रोत है. लेकिन शाम तक रहने वाली ‘भद्रा’ और दोपहर के ‘राहुकाल’ के कारण आपको विशेष सावधानी बरतनी होगी. कोई भी नया कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय ‘अभिजीत मुहूर्त’ (दोपहर 11:54 से दोपहर 12:50) के दौरान ही लें और दोपहर 2 बजे के बाद के राहुकाल से बचें. भगवान गणेश और श्री हरि विष्णु जी का ध्यान कर अपने दिन की शुरुआत करें, सब मंगलमय होगा.
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