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ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी पर ‘सिद्धि योग’ का महासंयोग, शाम को ‘व्यतीपात और भद्रा’ के साये से बचना जरूरी; जानें शुभ मुहूर्त

सुबह का ‘सिद्धि योग’ आपके जीवन में मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर में बड़ी सफलता ला सकता है; वहीं दोपहर बाद लगने वाला ‘व्यतीपात योग’, ‘भद्रा’ का साया और शाम को शुरू होने वाला ‘राहुकाल’ हर बनते काम को बिगाड़ने की ताक में बैठा है.

Aaj Ka Panchang 29 June 2026

Aaj Ka Panchang 21 June 2026: आज 21 जून 2026, दिन रविवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगा. रविवार का पावन दिन प्रत्यक्ष देवता व ग्रहों के राजा सूर्यदेव और शक्ति की देवी मां दुर्गा को समर्पित है. आज के दिन सूर्यदेव को तांबे के पात्र से अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से जीवन के सभी कष्टों, मान-हानि और अज्ञात भयों का समूल नाश होता है.

पंचांग विवरण (Aaj Ka Panchang 21 June 2026)

आज का दिन विशेष रूप से साल के सबसे लंबे दिन यानी ‘ग्रीष्म संक्रांति’ और ‘सिद्धि योग’ के अद्भुत मेल के लिए जाना जाता है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज चंद्रमा दोपहर 03 बजकर 40 मिनट तक सूर्य प्रधान सिंह राशि में रहने के बाद बुध की राशि कन्या में गोचर करेंगे. सिंह और कन्या राशि का यह गोचर व्यक्ति को कूटनीतिक रूप से मजबूत, न्यायप्रिय, संतुलित और बौद्धिक रूप से तीक्ष्ण बनाता है.

हालांकि, आज दोपहर बाद कुछ बेहद चुनौतीपूर्ण समय और ‘भद्रा’ का साया भी शुरू हो रहा है. कार्यों में पूर्ण सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुभ मुहूर्तों (जैसे अभिजीत मुहूर्त) का सही ज्ञान होना नितांत आवश्यक है.

आज की तिथि और वार (Today’s Tithi and Day)

पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है जो दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक मान्य रहेगी. इसके पश्चात अष्टमी तिथि लग जाएगी. रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना, प्रशासनिक व सरकारी कार्यों, मान-सम्मान और राजनीतिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

  • तिथि: शुक्ल सप्तमी (दोपहर 03:20 बजे तक), फिर अष्टमी
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • वार: रविवार
  • संवत्: शक संवत 1948, विक्रम संवत् 2083

नक्षत्र और योग (Nakshatra and Yoga)

आज प्रातः 09 बजकर 31 मिनट तक आनंद और प्रेम का ‘पूर्वफाल्गुनी नक्षत्र’ रहेगा, जो शुक्र का नक्षत्र है. इसके बाद सूर्य देव के स्वामित्व वाले ‘उत्तरफाल्गुनी नक्षत्र’ की शुरुआत होगी. योग की बात करें तो आज प्रातः 11 बजकर 21 मिनट तक कार्यों में सफलता देने वाला ‘सिद्धि योग’ रहेगा. इसके तुरंत बाद कष्टकारी व बाधाएं उत्पन्न करने वाला ‘व्यतीपात योग’ लग जाएगा.

  • नक्षत्र: पूर्वफाल्गुनी (प्रातः 09:31 बजे तक), फिर उत्तरफाल्गुनी
  • योग: सिद्धि योग (प्रातः 11:21 बजे तक), फिर व्यतीपात योग
  • करण: वणिज (दोपहर 03:20 बजे तक), फिर विष्टि यानी भद्रा (जो कार्यों में विघ्न डालती है)

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Position of Sun and Moon)

आज सूर्य देव मिथुन राशि में अपनी पूरी पीक ऊर्जा के साथ विराजमान हैं, क्योंकि आज ‘ग्रीष्म संक्रांति’ का विशेष दिन है. वहीं, चंद्र देव दोपहर 03 बजकर 40 मिनट तक सिंह राशि में रहने के बाद कन्या राशि पर संचार करेंगे.

  • सूर्य राशि: मिथुन (उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु)
  • चंद्र राशि: सिंह (दोपहर 03:40 बजे तक), फिर कन्या
  • सूर्योदय / सूर्यास्त: सुबह 05 बजकर 24 मिनट / शाम 07 बजकर 22 मिनट

आज के शुभ मुहूर्त (Today’s Shubh Muhurat)

किसी भी नए व मांगलिक कार्य को आरंभ करने, व्यावसायिक सौदे करने या महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने के लिए आज ‘अभिजीत मुहूर्त’ का समय सबसे श्रेष्ठ और कल्याणकारी रहेगा. इस समय में की गई पूजा अचूक फल देती है.

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक
  • अमृत काल: अगले दिन तड़के 02 बजकर 55 मिनट (22 जून) से सुबह 04 बजकर 34 मिनट तक (22 जून)

राहुकाल, भद्रा और अशुभ समय (Rahukaal and Inauspicious Times)

आज के दिन शाम के समय ‘राहुकाल’ का साया रहेगा, जिसमें कोई भी नया शुभ कार्य, प्रॉपर्टी की खरीदारी या वित्तीय निवेश करना सख्त वर्जित है. इसके साथ ही दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से विष्टि करण यानी ‘भद्रा’ का आरंभ हो जाएगा, जिसमें शुभ मांगलिक मांगलिक कार्य नहीं किए जाते.

  • राहुकाल: सायं 05 बजकर 37 मिनट से सायं 07 बजकर 22 मिनट तक (इस समय शुभ कार्य टालें)
  • गुलिकाल: दोपहर 03 बजकर 52 मिनट से सायं 05 बजकर 37 मिनट तक
  • यमगण्ड काल: दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से दोपहर 02 बजकर 08 मिनट तक

आज के व्रत, त्यौहार और अचूक उपाय (Today’s Fasts and Remedies)

आज ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी का पावन व्रत है. आज का दिन सूर्य देव की आराधना के लिए सर्वोत्तम है.

अचूक उपाय: आज तांबे के एक शुद्ध पात्र (लोटे) में जल भरकर उसमें थोड़ा सा लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल मिलाएं. इसके बाद उगते हुए सूर्य देव को “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें. ऐसा करने से समाज में यश-कीर्ति बढ़ती है और पिता के साथ संबंध मजबूत होते हैं.

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आज के पंचांग का सार (Summary)

निष्कर्ष के तौर पर, 21 जून 2026 का दिन ग्रीष्म संक्रांति की दिव्य सूर्य ऊर्जा और सुबह के ‘सिद्धि योग’ से ओतप्रोत है. लेकिन दोपहर बाद लगने वाले ‘व्यतीपात योग’, ‘भद्रा’ के साये और शाम के ‘राहुकाल’ के कारण आपको विशेष सावधानी बरतनी होगी. कोई भी नया कार्य, पूजा-अनुष्ठान या महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय ‘अभिजीत मुहूर्त’ (दोपहर 11:55 से 12:51) के बीच ही संपन्न करें और शाम 05:37 बजे के बाद राहुकाल के समय नए कार्यों से बचें. सूर्यदेव का ध्यान कर अपने दिन की शुरुआत करें, सब मंगलमय होगा.



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