Aaj Ka Panchang 28 November 2025: हिंदू पंचांग में मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का अपना विशेष महत्व माना गया है. इसी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत किया जाता है. अगर आप भी आज के दिन पूजा-पाठ या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए आज का पूरा पंचांग जानना जरूरी है. आइए सरल भाषा में समझते हैं कि 28 नवंबर 2025 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कैसी रहने वाली है.
आज की तिथि और योग
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि आज रात 12:15 बजे तक रहेगी. सुबह करीब 11:05 बजे तक व्याघात योग का प्रभाव रहेगा. करणों की बात करें तो दोपहर 12:28 बजे तक विष्टि करण रहेगा, जिसके बाद रात 12:15 बजे तक बव करण प्रभावी रहेगा.
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र संबंधी जानकारी
आज सूर्योदय सुबह 6:54 बजे हुआ है, जबकि सूर्यास्त शाम 5:24 बजे होगा.
चंद्रमा आज 12:47 दोपहर को उदित होगा और रात 12:32 बजे अस्त होगा.
सूर्य आज वृश्चिक राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं.
शुभ मुहूर्त
अगर आप कोई नया काम शुरू करना चाह रहे हैं, तो आज का दिन कुछ खास मुहूर्त लेकर आया है.
सबसे पहले अभिजीत मुहूर्त- जो अत्यंत शुभ माना जाता है, सुबह 11:48 से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा.
इसके अलावा अमृत काल- जिसे अत्यंत सकारात्मक समय माना जाता है, शाम 7:32 से रात 9:09 बजे तक रहेगा.
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अशुभ समय
किसी भी शुभ कार्य से पहले अशुभ समय की जानकारी जरूरी है ताकि अनजाने में गलत समय के प्रभाव में कोई काम शुरू न हो जाए.
- राहुकाल: सुबह 10:50 से दोपहर 12:09 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 8:13 से 9:32 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 2:47 से शाम 4:05 बजे तक
इन समयों में नया कार्य या यात्रा शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है.
आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में विचरण कर रहे हैं, जिसका समय रात 2:49 बजे (29 नवंबर) तक रहेगा.
शतभिषा नक्षत्र के जातकों को आमतौर पर उच्च बुद्धिमत्ता, स्वतंत्र सोच, धैर्य और नेतृत्व क्षमता के लिए जाना जाता है. इस नक्षत्र के लोग सीमाओं को तोड़कर आगे बढ़ने वाले, महत्वाकांक्षी और जिज्ञासु स्वभाव के होते हैं.
नक्षत्र के स्वामी राहु देव हैं, जबकि राशि स्वामी शनि देव माने जाते हैं. इस नक्षत्र का प्रतीक “खाली घेरा” और देवता “वरुण देव” हैं, जिन्हें जल देवता कहा जाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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