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क्यों खास है ग्वालियर का अचलेश्वर मंदिर? महाशिवरात्रि पर जानिए पावन कथा

ग्वालियर में महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष 15 फरवरी को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. विशेष पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक के साथ हजारों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारियां की जा रही हैं.

Mahashiv ratri

ग्वालियर में महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष 15 फरवरी को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. शहर के प्रसिद्ध अचलेश्वर मंदिर में भव्य तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. रंग-बिरंगी रोशनी, विशेष पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक के साथ हजारों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारियां की जा रही हैं.

मनोज चौबे/ग्वालियर: ग्वालियर में अचलेश्वर मंदिर का इतिहास लगभग 750 वर्ष पुराना माना जाता है और यहां स्थापित अचल शिवलिंग को बेहद चमत्कारी माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार शिवलिंग को हटाने के कई प्रयास असफल रहे, जिसके बाद इसे ‘अचलेश्वर’ नाम मिला. महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक, पाद्य पूजन, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. महाशिवरात्रि पर ग्वालियर में आस्था और भक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिलेगा.

अचलेश्वर मंदिर का इतिहास

अचलेश्वर मंदिर का इतिहास लगभग 750 वर्ष पुराना माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार तत्कालीन राजा को पीपल के पेड़ के नीचे शिवलिंग की अद्भुत शक्ति का आभास हुआ. शिवलिंग को हटाने के प्रयास कई बार असफल रहे, हाथियों और लोहे की जंजीरों का प्रयोग भी विफल रहा. भगवान शिव ने राजा को स्वप्न में दर्शन देकर अपनी अचल प्रकृति के कारण इसे यहीं स्थापित रहने का आदेश दिया. तभी से इसे ‘अचलेश्वर’ के नाम से जाना जाता है. आज भी शिवलिंग पर जंजीरों के निशान देखे जा सकते हैं.

महाशिवरात्रि पर सुरक्षा और व्यवस्थाएं

इस बार महाशिवरात्रि पर शहर के प्रमुख शिवालयों जैसे कोटेश्वर मंदिर, गुप्तेश्वर मंदिर, मार्कंडेश्वर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं. अचलेश्वर मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी और विद्युत सज्जा से सजाया गया है. मंदिर में पाद्य पूजन, विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. महाशिवरात्रि के दिन हजारों श्रद्धालु अचलेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुंचेंगे.

साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए 14 फरवरी की रात से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मंदिर परिसर में तैनात रहेंगे. मंदिर प्रबंध समिति द्वारा लगभग 90 वालंटियर लगाए गए हैं, जो व्यवस्थाओं को संभालेंगे और दर्शन सुचारू रूप से सुनिश्चित करेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस

Edited By: Shubhra Rai (Intern)



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